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ANALYSIS: अध्यक्ष बनना सोनिया गांधी की जिद या कांग्रेस की मज़बूरी!

सोनिया गांधी का अंतरिम अध्यक्ष बनना पार्टी की आंतरिक संकट से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
सोनिया गांधी का अंतरिम अध्यक्ष बनना पार्टी की आंतरिक संकट से निपटने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

पहले वरुण गांधी (Varun Gandhi) के कांग्रेस (Congress) में आने की खबरों के बीच सोनिया और प्रियंका (Sonia and Priyanka) के बीच मतभेद की खबरे आईं थीं, सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी वरुण को कांग्रेस में लाने के पक्ष में नहीं थी, जिसके कारण ही वो कांग्रेस में नहीं आ सके थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2019, 10:39 AM IST
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यूपीए चेयरपर्सन (UPA Chairperson) और 18 साल तक कांग्रेस (Congress) की अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) एक बार फिर से पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष (Interim President of Congress) नियुक्त की गई हैं. सोनिया गांधी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि आखिर बीते 10 अगस्त की बैठक में क्या हुआ था कि सोनिया गांधी को दोबारा से कांग्रेस की बागडोर अपने हाथ में लेनी पड़ी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही साफ कर चुके थे कि इस बार पार्टी का अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का कोई होगा. कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक भी इसी नीयत से बुलाई गई थी. कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में कई नामों पर चर्चा भी हुई, लेकिन हुआ वो जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी.

परिवार में ही हुआ प्रियंका गांधी का विरोध
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस में कई दिग्गज नेता कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर अड़े हुए थे. इससे पहले ये नेता प्रियंका को लेकर खुलकर मीडिया में बयानबाजी भी कर रहे थे, लेकिन राहुल गांधी सोनिया और प्रियंका को अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में एकदम नहीं थे. प्रियंका भी इससे पहले अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर चुकीं थी. इसके पीछे भी राहुल गांधी के गांधी परिवार के बाहर से अध्यक्ष चुनन के बयान को ही कारण माना जा रहा है.

सोनिया गांधी के कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनने को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि आखिर 10 अगस्त को हुई बैठक में क्या हुआ था

क्या सोनिया गांधी चाहती थीं कमजोर अध्यक्ष


पूरे घटनाक्रम को करीब से देखने वाले एक नेता का दावा है कि सोनिया गांधी कांग्रेस को एक ऐसा अध्यक्ष देना चाहती थीं, जिससे समय आने पर पार्टी की कमान वापस लेकर राहुल गांधी को सौंपी जा सके. लेकिन, प्रियंका के अध्यक्ष बनने के बाद राहुल की वापसी की संभावनाए कम हो जातीं और राहुल गांधी के उस दावे की हवा निकल जाती, जिसमें वो गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष होने का दावा कर रहे थे.

सोनिया गांधी कांग्रेस को एक ऐसा अध्यक्ष देना चाहती थी, जिससे समय आने पर पार्टी की कमान वापस लेकर राहुल गांधी को सौंपी जा सके


प्रियंका और सोनिया में मतभेद!
इससे पहले वरुण गांधी (Varun Gandhi) के कांग्रेस (Congress) में आने की खबरों के बीच सोनिया और प्रियंका (Sonia and Priyanka) के बीच मतभेद की खबरे आईं थीं. सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी वरुण गांधी को कांग्रेस में लाने के पक्ष में नहीं थी, जिसके कारण ही वरुण गांधी कांग्रेस में नहीं आ सके थे. बाद में वरुण गांधी और कांग्रेस दोनों ने इस तरह की खबरों का खंडन किया था.
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