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साउथ एमसीडी ने किया ऐसा काम, योजना पर खर्च कि‍ये सिर्फ 50 हजार और बचा ल‍िये 3 लाख!

साउथ दिल्ली नगर निगम ने जैविक खाद  लोगों को वितरित की है.  

साउथ दिल्ली नगर निगम ने जैविक खाद  लोगों को वितरित की है.  

दक्षिणी निगम के टैगोर गार्डन स्थित कंपोस्ट प्लांट में बनी जैविक खाद 100 लोगों को वितरित की गई. 1 मीट्रिक टन कंपोस्ट राष्ट्रपति भवन को सौंपी गई ताकि उसका उपयोग मुगल गार्डन और अन्य पार्कों में किया जा सके. इस कंपोस्ट प्लांट के बनने से लैंडफिल साइट पर लगभग 309 मीट्रिक टन कूड़ा कम एकत्रित हुआ है और कूड़ा लैंडफिल साइट तक नहीं पहुंचा जिस कारण परिवहन खर्च में लगभग 3 लाख रुपये की बचत भी हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 12:51 AM IST
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नई दिल्ली. साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) इन दिनों एक के बाद एक नए ऐसे प्रोजेक्ट शुरू कर रही है. इससे तीनों नगर निगमों में वह अकेली सुर्ख़ियों में छाई हुई है. हाल ही में जहां एसडीएमसी ने शू बैंक (Shoe Bank) और टॉय बैंक (Toy's Bank) खोलकर एक अनूठी पहल शुरू की थी. वहीं अब पिछले दिनों ₹50000 की लागत से कंपोस्ट प्लांट लगाकर उससे अब निगम के खर्च होने वाले तीन लाख रुपये को बचाने का भी काम किया है.


कंपोस्ट प्लांट से 309 मीट्रिक टन गीला कूड़ा एकत्रित किया है जोकि लैंडफिल साइट पर जाने से बचाया जा सका. उससे जैविक खाद बनाकर अब तक 100 लोगों को वितरित की जा चुकी है. यह खाद टैगोर गार्डन स्थित कंपोस्ट प्लांट में तैयार की जो कि 100 लोगों को वितरित की जा चुकी है.


दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) के वेस्ट जोन के चेयरमैन  कर्नल बी.के. ओबराॅय और स्वच्छ भारत अभियान के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने यह जैविक खाद  लोगों को वितरित की है.


राजीव जैन ने बताया कि यह जैविक खाद टैगोर गार्डन क्षेत्र से एकत्रित रसोई के गीले कचरे से बनाई गई है. पिछले 4 महीने में इस कंपोस्ट साइट पर लगभग 300 मीट्रिक टन गीला कूड़ा एकत्रित और उसका निष्पादन किया गया. 22 मीट्रिक टन जैविक खाद दक्षिणी निगम के उद्यान विभाग को दे दी गई है ताकि उसका उपयोग निगम पार्काें में किया जा सके.




कंपोस्ट प्लांट बनने से लैंडफिल साइट पर कम हुआ 309 मीट्रिक टन कूड़ा

इसके साथ ही 10 मीट्रिक टन कंपोस्ट निगम स्कूलों को और लगभग 8 टन कंपोस्ट स्थानीय नागरिकों को भी वितरित किया गया है. इसके अतिरिक्त निगम द्वारा 1 मीट्रिक टन कंपोस्ट राष्ट्रपति भवन को सौंपी गई ताकि उसका उपयोग मुगल गार्डन और अन्य पार्कों में किया जा सके. इस कंपोस्ट प्लांट के बनने से लैंडफिल साइट पर लगभग 309 मीट्रिक टन कूड़ा कम एकत्रित हुआ है और कूड़ा लैंडफिल साइट तक नहीं पहुंचा जिस कारण परिवहन खर्च में लगभग 3 लाख रुपये की बचत भी हुई है.


स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने यह बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) 2021 के मद्देनजर दक्षिणी निगम ठोस प्रबंधन को सभी दिशा निर्देंशों का सफलतापूर्वक लागू कर रहा है. सभी वार्डों में स्रोत पर ही कूड़े को अलग-अलग किया जाता है, प्लास्टिक के बदले जैविक खाद व अन्य उपयोगी चीजें नागरिकों को प्रदान की जा रही है, कूड़े के उचित निष्पादन के लिए अन्य कई कदम भी उठाये जा रहे है.


हर रोज कंपोस्ट प्लांट पर होता है 5 टन गीले कूड़े का निष्पादन

टैगोर गार्डन स्थित इस कंपोस्ट प्लांट द्वारा प्रतिदिन 5 टन गीले कूड़े का निष्पादन किया जाता है जो आस-पास के क्षेत्रों से एकत्रित होता है. यह प्लांट दिल्ली का सबसे कम लागत वाला कंपोस्ट प्लांट है इस प्लांट की कुल लागत सिर्फ 50,000 रुपये हैं. इस प्लांट में जैविक खाद को बनाने के लिए अपशिष्ट कूड़े में थोड़ी मिट्टी, पुरानी खाद और लकड़ी का बुरादा मिलाया जाता है और इस खाद को अलग-अलग माॅड्यूल जैसे ड्रम कंपोस्टर, अलग-अलग आकार के जाली बक्सों में तैयार किया जाता है. खाद बनाने के लिए सिर्फ तीन सप्ताह का समय लगता है.
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