मथुरा के मंदिर में नमाज़ पढ़ने को जगह दी और खाना भी खिलाया, तो इसमें अब विवाद क्यों- फैसल खान

मथुरा पुलिस ने नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को सोमवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया
मथुरा पुलिस ने नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैसल खान को सोमवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया

मथुरा के नंदबाबा मंदिर (Nandbaba Temple) में नमाज पढ़ने वाले शख्‍स फैसल खान ने विवाद के बीच अपना पक्ष रखा है. इस मामले में उनके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 9:53 PM IST
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नई दिल्ली. मथुरा के नंदबाबा मंदिर में नमाज (Namaz In Temple) पढ़ने का विवाद अभी थमा नहीं है. इस बीच, मंदिर में नमाज पढ़ने वाले और खुदाई खिदमतगार संगठन से जुड़े फैसल खान ने इस विवाद पर अपनी बात रखी है. फैसल (Faisal Khan) का कहना है कि वह कई दिनो की यात्रा पर थे. इस यात्रा का मकसद हिन्दू-मुस्लिम एकता था. हम अपने साथियों के साथ मंदिर में जा रहे थे. लोगों से एकता की बात कर रहे थे. इसी तरह नंदबाबा (Nandbaba) के मंदिर में भी गए थे. जब नमाज़ का वक्त हो गया तो मंदिर के लोगों ने ही हमें नमाज़ पढ़ने के लिए जगह दी. उसके बाद खाना भी खिलाया. इसके बाद हम लोग वापस दिल्ली आ गए. इसके तीन दिन बाद विरोध शुरू हो गया. गौरतलब रहे कि इसके बाद ही फैसल खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

उत्तर प्रदेश के मथुरा के नंदगांव स्थित नंद भवन मंदिर में नमाज पढ़ने के चलते सोमवार को मथुरा पुलिस ने फैसल खान को दिल्ली के जामिया नगर से गिरफ्तार कर लिया है. मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी की तहरीर पर बरसाना पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 295, 505 के तहत केस दर्ज किया है. जिनके विरुद्ध मामला दर्ज हुआ है उनमें नमाज पढ़ने वाले दोनों मुस्लिम युवकों फैसल खान और मोहम्मद चांद के नाम भी शामिल हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मंदिर में नमाज पढ़ने की यह घटना बीते 29 अक्टूबर की है.

फेसबुक पर तस्वीर वायरल होने से हुआ विवाद
मंदिर में नमाज पढ़ने की तस्वीरों को अपनी फेसबुक पेज पर पोस्ट कर उसे वायरल करने वाले कौमी एकता मंच के सदस्य वकील मधुवनदत्त चतुर्वेदी ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से दिल्ली की एक संस्था खुदाई खिदमतगार के सदस्य फैसल खान, मोहम्मद चांद और गांधीवादी कार्यकर्ता निलेश गुप्ता व आलोक रत्न को जानते हैं.



29 अक्टूबर को यह चारों लोग चौरासी कोस यात्रा के लिए दिल्ली से साइकिल चलाकर नंदगांव पहुंचे थे. दोपहर दो बजे जोहर की नमाज का वक्त होने पर वो नंद महल मंदिर में थे. फैसल खान और मोहम्मद चांद ने मंदिर में ही नमाज पढ़ी. उन्होंने फैसल खान का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्‍होंने उन्हें बताया कि पुजारी से बात होने के बाद ही उन्होंने मंदिर में नमाज पढ़ी थी.
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