गौतम गंभीर का केजरीवाल सरकार पर तंज, कहा- CM नहीं लेंगे जिम्मेदारी, जरूरी हो तो ही घर से निकलें
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गौतम गंभीर का केजरीवाल सरकार पर तंज, कहा- CM नहीं लेंगे जिम्मेदारी, जरूरी हो तो ही घर से निकलें
गौतम गंभीर ने ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल पर हमला है.(फाइल फोटो)

दिल्ली में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि दिल्‍ली देश की कोरोना कैपिटल बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है. वहीं, भाजपा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir ) ने भी दिल्‍ली सरकार पर निशाना साधा है.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली (National Capital Delhi) में कोरोना वायरस का कहर जारी है और हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं. जबकि दिल्ली में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि दिल्‍ली देश की कोरोना कैपिटल बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है. वहीं, भाजपा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ( Gautam Gambhir) ने भी दिल्‍ली सरकार पर निशाना साधा है.

गंभीर ने ट्वीट किया, 'सावधान! विज्ञापन अभियान फेल हो गया है! केंद्र, पड़ोसी राज्यों, अस्पतालों, परीक्षण और ऐप को दोषी ठहराया गया है! जबकि आगे सुप्रीम कोर्ट को दोषी ठहराया जाएगा. जरूरी हो तो ही घर से निकलें, दिल्‍ली के सीएम जिम्मेदारी नहीं लेंगे.'


दिल्‍ली में कोरोना के 34687 मामले
राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के गुरुवार को एक दिन में रिकॉर्ड सबसे ज्यादा 1877 नए मरीज सामने आए. यह पहली बार है कि जब दिल्ली में कोरोना वायरस के 1800 से ज्यादा मामले एक दिन में आए हैं. इससे पहले 3 जून को सबसे ज्यादा 1513 मामले सामने आए थे. जबकि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को एक बुलेटिन में बताया कि कोरोना वायरस के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 1085 हो गई है. इसके अलावा इस जानलेवा संक्रमण के 34687 मामले हो गए हैं. बुलेटिन में बताया गया है कि 10 जून को 101 लोगों की मौत का ऐलान किया गया. यही नहीं, इस समय दिल्‍ली में 20871 एक्टिव केस हैं, तो 12731 लोग डिस्‍चार्ज होकर घर लौट चुके हैं.



हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश
हाईकोर्ट ने प्राइवेट हॉस्पिटल (जहां लैब्स मौजूद हैं) को निर्देश दिया है कि वहां टेस्ट की सुविधा दी जाए. इसके लिए आईसीएमआर से जरूरी मंजूरी भी ली जाए. न्यायाधीश हिमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद का मानना है कि समय का नुकसान किए बिना जरूरत है कि जिन प्राइवेट हॉस्पिटल में लैब्स हैं, वहां कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट कराने की मंजूरी दी जाए. बेंच ने इस तरह की टिप्पणी इसलिए की क्योंकि इस मामले में याचिका दाखिल करने वाले ने कोर्ट में बताया था कि कई प्राइवेट हॉस्पिटल (जिसमें सर गंगा राम हॉस्पिटल भी शामिल है) को कोरोना टेस्ट करने से रोका जा रहा है. यही नहीं, हाईकोर्ट की इस बेंच ने उसके बाद 23 प्राइवेट लैब्स को नोटिस जारी किया है. जिसकी जानकारी दिल्ली सरकार ने अपने हलफनामे में दी थी. साथ ही इसका जवाब देने को कहा है, जिसमें उन्हें बतााना होगा कि क्या उन्हें कोविड-19 टेस्ट कराने की अनुमति मिली है और किस तकनीक से वो इस टेस्ट को करा रहे हैं. बेंच ने ये भी कहा है कि वे अगर किसी तरह की आधिकारिक लाल फीताशाही से समस्या आ रही हो तो बता सकते हैं.

इलाज के लिए जाने पर हॉस्पिटल मांग रहा कोरोना टेस्ट रिपोर्ट
इस आदेश में इस बात को भी ध्यान रखा गया है कि वैसे मरीज जो प्राइवेट हॉस्पिटल में किसी और भी बीमारी या सर्जरी के लिए जा रहे हैं. उन्हें भी हॉस्पिटल में भर्ती करने से पहले कोरोना टेस्ट कराने को कहा जा रहा है. जिसके लिए उन्हें कही और जाना पड़ रहा है.  हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि सभी प्राइवेट हॉस्पिटल जिन्हें कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 20 प्रतिशत बेड रिजर्व करने को बोला गया है. वे अपनी लैब्स को पूरी तरह कोरोना टेस्ट कराने के लिए तैयार रखें. साथ ही इससे संबंधित अनुमति आईसीएमआर से भी ले लें.

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