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Stray Dogs: दिल्‍ली में आवारा कुत्‍तों का आतंक, हर रोज 5 हजार लोगों को काटते हैं कुत्ते

Stray Dogs: दिल्‍ली में आवारा कुत्‍तों का आतंक, हर रोज 5 हजार लोगों को काटते हैं कुत्ते

दिल्ली के अंदर कम से कम रोजाना 5 हजार लोगों को कुत्ता काटता है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

दिल्ली के अंदर कम से कम रोजाना 5 हजार लोगों को कुत्ता काटता है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

Stray dogs in Delhi: आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है क‍ि एमसीडी में कागजों में कुत्तों का स्टेरलाइजेशन कर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है. दिल्ली के अंदर कम से कम रोजाना 5 हजार लोगों को कुत्ता काटता है. उत्तरी निगम ने 2020-21 के अंदर डॉग स्टेरलाइजेशन के लिए 15 करोड़ का आवंटन किया और इसके केंद्र बनाने के लिए 5 करोड़ का आवंटन किया. ऐसे में वो पैसा आखिर कहां गया. दिल्ली में आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में स्टेरलाइजेशन में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए एमसीडी ने 2009 से इनका सर्वे करना बंद कर दिया है.

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    नई दिल्ली. द‍िल्‍ली में आवारा कुत्‍तों का आतंक इतना हो गया है क‍ि अब मासूम बच्‍चों का ही नहीं बल्क‍ि बड़ों का इलाकों में घूमना फ‍िरना दुश्‍वार हो गया है. हाल ही में मोतीनगर के डीडीए पार्क की झुग्गी में रहने वाली 3 साल की मासूम लक्ष्मी जोक‍ि रोजाना घर के बाहर पार्क में आए आवारा कुत्तों से खेलती थी. लेकिन अचानक 17 दिसम्बर को वही कुत्ते उस पर झपट पड़े और कई जगह से उसे नोच डाला. कुत्तो के हमले के बाद मासूम बच्ची चीखी तो उसकी मां घर के अंदर से भागती हुई बाहर आई. लेकिन कुत्तो ने उस पर भी हमला किया.

    इस मामले के बाद अब द‍िल्‍ली नगर निगम (MCD) में मुख्‍य व‍िपक्षी पार्टी में बैठी द‍िल्‍ली की सत्‍तारूढ़ पार्टी आम आदमी पार्टी ने न‍िगम भाजपा पर हमला बोला है. आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है क‍ि एमसीडी में कागजों में कुत्तों का स्टेरलाइजेशन कर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है. दिल्ली के अंदर कम से कम रोजाना 5 हजार लोगों को कुत्ता काटता है.

    ये भी पढ़ें: जिन आवारा कुत्तों के साथ रोजाना खेलती थी 3 साल की मासूम, उन्होंने उसे नोच खाया, मौत

    उत्तरी द‍िल्‍ली नगर निगम ने 2020-21 के अंदर डॉग स्टेरलाइजेशन के लिए 15 करोड़ का आवंटन किया और इसके केंद्र बनाने के लिए 5 करोड़ का आवंटन किया. ऐसे में वो पैसा आखिर कहां गया. दिल्ली में आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में स्टेरलाइजेशन में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए एमसीडी ने 2009 से इनका सर्वे करना बंद कर दिया है. एमसीडी ने कुत्ते काटने के आंकड़ों को छुपाने के लिए अपने अस्पतालों में रेबीज की दवाई रखना बंद कर दी है.

    भाजपा बताए 15 सालों से स्ट्रेलाइजेशन हो रहा तो आबादी क्यों बढ़ रही?
    उन्होंने कहा कि कुत्तों के काटने के डर से बच्चों को बाहर पार्क में भेजना और महिलाओं ने सैर पर जाना बंद कर दिया है. कॉलोनियों में लोग कुत्तों के आतंक से भयभीत हैं. भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता बताएं कि पिछले 15 सालों से अगर आवारा कुत्तों को स्टेरेलाइजेशन किया जा रहा है तो कुत्तों की आबादी क्यों बढ़ रही है?

    एमसीडी की होती है आवारा पशुओं पर अंकुश लगाने की ज‍िम्‍मेदारी
    मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा क‍ि दिल्ली में कई एजेंसी हैं जिसकी वजह से लोग कंफ्यूज रहते हैं कि पार्षद, एमएलए और सांसद की क्या-क्या जिम्मेदारी हैं. आवारा पशुओं, गलियों के अंदर घूमती हुई गायों का मामला पूरी तरीके से एमसीडी का है. एमसीडी का काम है कि इन पशुओं को पकड़ कर निर्धारित गौशालाओं में भेजे. जहां पर इन गायों के लिए दिल्ली सरकार बाकायदा पैसा देती है.

    इसके अलावा पार्किंग का मामला दिल्ली के अंदर यह बहुत ज्वलंत मुद्दा है. साधारण कॉलोनी से लेकर पॉश कॉलोनी तक हर जगह पार्किंग बहुत बड़ी समस्या है. पूरी दिल्ली के अंदर पार्किंग का इंतजाम और प्रबंधन करना एमसीडी का काम है.

    उन्होंने कहा कि कुत्ते काटने की समस्या इतनी बड़ी हो चुकी है कि लोग अपने बच्चों को घर से बाहर भी नहीं भेज सकते हैं. पार्कों के अंदर अपने बच्चों को नहीं भेज पाते हैं क्योंकि वहां गली के कुत्ते इतने खूंखार हो चुके हैं कि वह बच्चों, बड़ों, महिलाओं और बुजुर्गों पर बिना किसी उकसावे के हमला करते हैं.

    MCD अस्‍पताल में पांच द‍िन तो नहीं म‍िलती दवाई
    सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एमसीडी के आंकड़ों के मुताबिक 2017 में एमसीडी के अस्पतालों के अंदर हर रोज 225 लोग आते थे, जिनको कुत्तों ने काटा था. उसके बाद से एमसीडी के अस्पतालों में एंटी रेबीज की दवाई रखनी ही बंद कर दी. एमसीडी के अस्पताल में चले जाइए, सप्ताह में से 5 दिन दवाई नहीं होगी. इस तरह से एमसीडी ने अपने आंकड़ों को नियंत्रित किया कि दवाई रखनी ही बंद कर दी, जिससे लोग आना बंद कर देंगे. इससे आंकड़े के अंदर गड़बड़ी कर सकते हैं. नगर निगम ने 2009 में आखिरी सर्वे कराया, जिसके अंदर कुत्तों की संख्या करीब 5.60 लाख बताई थी.

    1,100 रुपए तक द‍िए जाते हैं एक कुत्ते को स्ट्रेलाइज करने पर
    एमसीडी प्राइवेट एनजीओ को करीब 750 से 1100 रुपए तक एक कुत्ते को स्ट्रेलाइज करने के लिए देती है, ताकि वह आगे बच्चे पैदा ना कर सके और उनकी आबादी ना बढ़ सके. यह एक साधारण सा तरीका है जो कि न्यायालय ने भी बताया कि आप इनको स्टेरलाइज कर दें जिससे कुत्तों की जनसंख्या रुक जाएगी.

    महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में 1 साल के अंदर 38 मौतें रेबीज से हुईं
    उन्होंने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल के एमडी से पूछा गया कि रोजाना कुत्ते काटने की कितने मामले आते हैं. उन्होंने बताया कि रोजाना 120 से 130 मामले सिर्फ एक अस्पताल में कुत्ते काटने के आते हैं. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 2019 में रोज 1000 मरीज कुत्ते काटने के आते थे. किसी को यदि कुत्ता काटता है तो उसके अंदर बहुत कम लोग सरकारी अस्पतालों में जाते हैं.

    सब सोचते हैं कि कौन सरकारी अस्पताल में जाएगा और धक्के खाएगा. वहां पर दवाई मिलेगी भी या नहीं. ऐसे में आसपास के किसी डॉक्टर से इंजेक्शन लगवा लो. महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में पिछले 1 साल के अंदर 38 मौतें रेबीज से हुई हैं. यह वह लोग हैं जिन्होंने टीका नहीं लगवाया होगा. उनको कुत्तों ने काटा होगा, हल्की सी खरोच आई होगी तो उन्होंने सोचा होगा कि छोड़ो, बाद में देखेंगे.

    Tags: Aam aadmi party, Attack of stray dogs, Delhi MCD, Delhi news, MCD, Stray animals

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