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दिल्ली-NCR में भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती, मोबाइल वैन में अल्ट्रासाउंड किया तो अब होगी ये कार्रवाई

गाजियाबाद में भी अब लिंग जांच करने वाले के खिलाफ प्रशासन ने सचल दस्ता तैनात कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
गाजियाबाद में भी अब लिंग जांच करने वाले के खिलाफ प्रशासन ने सचल दस्ता तैनात कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

Pre Natal Sex Determination: हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अब अवैध रूप से संचालित मोबाइल अल्ट्रासाउंड सेंटर (Mobile Ultrasound Centre) के जरिए भ्रूण लिंग जांच (Fetal Gender Test) पर कार्रवाई की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2021, 11:34 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में भ्रूण लिंग जांच के रैकेट (Fetal Gender Screening Racket) पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. खासकर हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अब अवैध रूप से संचालित मोबाइल अल्ट्रासाउंड सेंटर (Mobile Ultrasound Centre) के जरिए भ्रूण लिंग जांच पर कार्रवाई की जाएगी. गाजियाबाद में भी अब लिंग जांच करने वाले के खिलाफ प्रशासन ने सचल दस्ता तैनात कर कार्रवाई शुरू कर दी है. सचल दस्ता अब इन मोबाइल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर नजर रखेगा. सचल दस्ते में एक मजिस्ट्रेट, दो डॉक्टर और एक पुलिस अधिकारी शामिल होंगे. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में इस रैकेट के तार कहीं न कहीं उत्तर प्रदेश से जुड़ जाते हैं. बीते कुछ दिनों में स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में छापामारी भी कर चुकी हैं.

भ्रूण लिंग जांच के रैकेट पर अब कसेगा नकेल


गाजियाबाद के डीएम विजय शंकर पांडेय के मुताबिक, जिले में लिंगानुपात 913 से 950 करने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले दिनों गाजियाबाद में हरियाणा के जींद, झज्जर, रोहतक, फरीदाबाद और सोनीपत के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ डीएम ने बैठक की थी. बैठक में तय किया गया कि कुछ लोग मोबाइल वैन में अल्ट्रासाउंड से लिंग पहचान करते हैं. अब इनकी पहचान कर कार्रवाई शुरू की जाएगी. हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लोगों की सूची गाजियाबाद प्रशासन को दी है जो इस तरह के काम करते हैं. अब गाजियाबाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों मिलकर कार्रवाई शुरू करेंगे. गाजियाबाद के लोनी, खोड़ा और मुरादनगर में प्रशासन अब नजर रखेगी. इसके लिए सचल दस्ता का गठन किया जाएगा जिसमें एक मजिस्ट्रेट, दो डॉक्टर और एक पुलिस अधिकारी शामिल होंगे.

पीएम मोदी ने की थी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत


गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत की धरती से ही 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की थी. उस समय जिला का लिंगानुपात 892 था, जो अब 43 अंकों की छलांग के साथ 935 हो गया है. यूपी से कार में पोर्टेबल मशीन लाकर गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली में भ्रूण लिंग जांच करने वाले लोगों का एक सिंडीकेट चल रहा है.

हरियाणा और पश्चिमी यूपी में यह धंधा हो रहा है खुलेआम 


स्थानीय लोगों का कहना है कि हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अस्पतालों के सामने यह धंधा खुलेआम किया जा रहा है. भ्रूण लिंग की जांच करने वाले गिरोह ने जिला और महिला अस्पतालों में अपना एक नेटवर्क खड़ा कर दिया है. सरकारी अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद पड़ा है और इन अस्पतालों में बाहर से आने वाले मरीजों से एजेंट बाहर अल्ट्रासाउंड कराने के साथ-साथ लिंग जांच का भी सौदा कर रहे हैं.



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इन मोबाइल अल्ट्रासाउंड सेंटर में एक केस के लिए 10 से 15 हजार रुपये डिमांड किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि महिला एजेंट ही इस काम में लगी हुई हैं. गाजियाबाद और हरियाणा के कई शहरों में ऐसी महिलाएं अस्पतालों के सामने मिलती हैं और 10-15 हजार रुपये में लिंग परीक्षण की बात कहती है.
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