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सिटिजनशिप एक्ट प्रदर्शन: जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने फेंके पत्थर, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

News18Hindi
Updated: December 17, 2019, 4:50 PM IST
सिटिजनशिप एक्ट प्रदर्शन: जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने फेंके पत्थर, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया के छात्रों का प्रदर्शन

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) के छात्र कर रहे हैं. इस दौरान पुलिस (Delhi Police) और छात्रों की झड़प हो गई

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  • Last Updated: December 17, 2019, 4:50 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून 2019 (Citizenship Amendment Act 2019) को लेकर देश के कई राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी लोग सड़कों पर उतरे हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) के छात्रों प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान दिल्ली पुलिस (Delhi Police)  और छात्रों (Student) के बीच झड़प हो गई. छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया.

उधर. यूपी की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के छात्रों ने भी शुक्रवार को बिल के विरोध में जुलूस निकाला. छात्रों ने कैंपस से जिला मुख्यालय तक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन को पहले ही अल्टीमेटम दिया गया था, जिसके बाद एएमयू केंपस में भारी संख्या में पीएसी और आरएएफ के साथ लोकल पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया. तनाव को देखते हुए अलीगढ़ व सहारनुपर में जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.



असम में हालात गंभीरनागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्वोत्तर भारत (North East) में स्‍थिति गंभीर है. असम के अलावा दूसरे राज्‍यों के शहरों में भी बंद और कर्फ्यू के हालात हैं. असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. भारतीय सेना ने असम में कॉलम की संख्‍या बढ़ा दी है. स्‍थिति को संभालने के लिए भारतीय सेना के 26 कॉलम तैनात किए गए हैं. यहां पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की कंपनियां पहले ही तैनात हैं. स्थानीय प्रशासन की अपील पर भारतीय सेना के कॉलम इनकी सहायता के लिए तैनात किया गया है.



कानून बना नागरकिता संशोधन बिल
बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल 2019 बुधवार को राज्यसभा में पारित हो गया. यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका था. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से इसे मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून में बदल गया. राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 125 वोट और विरोध में 99 वोट पड़े थे. वहीं, लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 और विरोध में 80 वोट पड़े. नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारत के तीन पड़ोसी इस्लामी देशों- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत की शरण में आए गैर-मुस्लिम लोगों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी.

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First published: December 13, 2019, 4:32 PM IST
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