सुनंदा पुष्कर मौत मामला: शशि थरूर की याचिका पर High Court ने Delhi Police से मांगे जवाब

शशि थरूर को सुनंदा पुष्कर मौत मामले में पुलिस ने आरोपी बनाया है (फाइल तस्वीर)
शशि थरूर को सुनंदा पुष्कर मौत मामले में पुलिस ने आरोपी बनाया है (फाइल तस्वीर)

कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. जिसमें उन्होंने 2014 में पत्नी की मौत से पहले के उनके ट्टीट को संरक्षित करने की मांग की थी.

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नई दिल्ली. सुनंदा पुष्कर (Sunanda Pushkar) की मौत अभी भी रहस्य बनी हुई है. आत्महत्या या हत्या की गुत्थी अभी सुलझाई नहीं जा सकी है. बुधवार को हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शशि थरूर (Shashi Tharoor) की सुनंदा पुष्कर के ट्वीट (Tweet) को संरक्षित किए जाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से जवाब तलब किया. जिस पर पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा कि उसने मृतक सुनंदा पुष्कर के ट्वीट को नहीं देखा है और ना ही उनकी मौत के मामले में जांच पर उसके भरोसे हैं. उन्होंने कहा इस मामले में उनके पति और कांग्रेस सांसद शशि थरूर एकमात्र आरोपी हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक सुनंदा पुष्कर के ट्वीट रिकॉर्ड या मामले में दाखिल चार्जशीट का हिस्सा नहीं है और अगर शशि थरूर चाहते हैं तो वह पब्लिक डोमेन पर उपलब्ध है. वह उसे देख सकते हैं.

18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
बता दें कि 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिण के चाणक्यापुरी स्थित लीला होटल (Leela Hotel) के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-498 ए और धारा-306 के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस सांसद शशि थरूर को आरोपी बनाया है. कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. जिसमें उन्होंने 2014 में पत्नी की मौत से पहले के उनके ट्टीट को संरक्षित करने की मांग की थी.

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बुधवार को सुनवाई के दौरान थरूर के वकील ने कहा कि यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तीन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आज तक पुष्टि नहीं कर पाई कि यह आत्महत्या थी या एक हत्या. वरिष्ठ वकील विकास पाहवा ने कहा कि सुनंदा पुष्कर के लैपटॉप और मोबाइल फोन ट्रायल कोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि उनके सभी जानकार चाहते हैं कि ट्विटर अकाउंट को एक्सेस किया जाए और ट्रायल कोर्ट को उनकी मौत से पहले के Tweets दिखाए ताकि सुनंदा की मन: स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. (इनपुट -सुशील पांडे)
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