अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार से पूछा, क्या रामजन्म भूमि केस का सीधा प्रसारण संभव है?
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अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार से पूछा, क्या रामजन्म भूमि केस का सीधा प्रसारण संभव है?
याचिका में कहा गया है कि अयोध्या मामला बहुत ही महत्वपूर्ण है. इसी वजह से न्यायालय भी सप्ताह के सभी पांच कार्य दिवसों पर इसकी सुनवाई कर रहा है. (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने आदेश में कहा, ‘रजिस्ट्रार यह बताए कि क्या रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मुकदमे (Ram Janmabhoomi-Babri Masjid land dispute case) का सीधा प्रसारण हो सकता है और ऐसा करने के लिए कितना समय लगेगा.’

  • भाषा
  • Last Updated: September 16, 2019, 6:47 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को अपने रजिस्ट्रार से कहा कि वह उसे सूचित करे कि क्या अयोध्या (Ayodhya) में रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मुकदमे (Ram Janmabhoomi-Babri Masjid land dispute case) की सुनवाई का सीधा प्रसारण संभव है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने रजिस्ट्रार से यह भी जानना चाहा कि अगर ऐसा करना संभव हो तो ऐसा करने के लिए कितना समय चाहिए. पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘रजिस्ट्रार यह बताए कि क्या सीधा प्रसारण हो सकता है और ऐसा करने के लिए कितना समय लगेगा.’

अधिकांश याचिकाकर्ता हर दिन सुनवाई के लिए नहीं आ सकते
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व विचारक के एन गोविन्दाचार्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ताओं का शीर्ष अदालत में पूरा विश्वास है लेकिन इस प्रकरण के अधिकांश याचिकाकर्ता हर दिन सुनवाई के लिए नहीं आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि चूंकि वे कार्यवाही देख नहीं सकते हैं, इसलिए इसका सीधा प्रसारण उन्हें सुनवाई के विवरण के बारे में जानकारी देने में मददगार होगा.

..तो सुनवाई की ऑडियो रिकॉर्डिग कराई जानी चाहिए



पीठ द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अधिवक्ता विकास सिंह ने न्यायालय से जाना चाहा कि यह जानकारी रजिस्ट्रार को कब तक देनी है. इस पर पीठ ने कहा कि यह रजिस्ट्रार पर निर्भर करता है. बता दें, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने छह सितंबर को गोविन्दाचार्य की याचिका प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के पास भेज दी थी. गोविन्दाचार्य ने अपनी याचिका में कहा है कि अगर अयोध्या प्रकरण की सुनवाई का सीधा प्रसारण संभव नहीं हो तो सुनवाई की ऑडियो रिकॉर्डिग कराई जानी चाहिए.



याचिका में दिया गया 2018 के फैसले का भी हवाला
गोविन्दाचार्य ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के 26 सितंबर, 2018 के फैसले का भी हवाला दिया था, जिसमें संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों में न्यायालय की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की अनुमति दी गई थी. याचिका में कहा गया है कि अयोध्या मामला बहुत ही महत्वपूर्ण है. इसी वजह से न्यायालय भी सप्ताह के सभी पांच कार्य दिवसों पर इसकी सुनवाई कर रहा है. चूंकि न्यायालय असाधारण मामले पर विचार कर रहा है, इसलिए इसकी तत्काल ऑडियो रिकार्डिंग शुरू की जानी चाहिए.

राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील अयोध्या के रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का मध्यस्थता के माध्यम से सर्वमान्य समाधान खोजने का प्रयास विफल होने के बाद प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ छह अगस्त से इस मामले की नियमित सुनवाई कर रही है.

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First published: September 16, 2019, 6:38 PM IST
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