लाइव टीवी

उपहार अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को दी बड़ी राहत, नहीं जाना पड़ेगा जेल
Delhi-Ncr News in Hindi

News18Hindi
Updated: February 20, 2020, 10:06 AM IST
उपहार अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को दी बड़ी राहत, नहीं जाना पड़ेगा जेल
उपहार अग्निकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को दी बड़ी राहत (फाइल फोटो)

बता दें, जून 1997 में हुए उपहार सिनेमा अग्निकांड (Uphaar Case) में 59 लोगों की मौत (Death) हो गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2020, 10:06 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. उपहार अग्निकांड मामले (Uphaar Case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने रियल एस्‍टेट टायकून अंसल बंधुओं (सुशील अंसल और गोपाल अंसल) को बड़ी राहत दी है. शीर्ष अदालत ने इस बाबत पीड़ितों की ओर से दाखिल क्‍यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने खुली अदालत में मामले की सुनवाई करने की मांग को भी ठुकरा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि क्‍यूरेटिव पीटिशन में कोई मेरिट नहीं है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत 13 फरवरी को ही आदेश दिया है, लेकिन उसे अब जारी किया गया है. बता दें कि जून 1997 में हुए उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हो गई थी.

पीड़ितों ने जेल भेजने की मांग की थी
उपहार सिनेमा अग्निकांड के पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट में क्‍यूरेटिव पीटिशन दाखिल कर अंसल बंधुओं (सुशील और गोपाल अंसल) को जेल भेजने की मांग की है. शीर्ष अदालत ने पीड़ितों की याचिका में कोई दम नहीं पाया और उसे खारिज कर दिया. इससे पहले वर्ष 2015 में अंसल बंधुओं पर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था. क्‍यूरेटिव पीटिशन खारिज होने के साथ ही अंसल बंधुओं को जेल भेजने की मांग भी ठुकरा दी गई है.

13 जून 1997 का वो काला दिन



13 जून 1997 की सुबह में उपहार सिनेमा के ग्राउंड फ्लोर पर दो ट्रांसफॉर्मर लगाए गए थे. इन ट्रांसफॉर्मर के इंस्टालेशन पूरा होने के कुछ ही देर बाद सिक्योरिटी गार्ड ने ट्रांसफॉर्मर के पास एक हल्के धमाके जैसी आवाज सुनी. उसने ट्रांसफॉर्मर के पास धुआं देखा. इसके बाद सिनेमा स्टाफ की तरफ से इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड और दिल्ली विद्युत बोर्ड को दी. निरीक्षण के बाद पाया गया कि ट्रांसफॉर्मर के भीतर कुछ इलेक्ट्रिक वायर चिपक जाने के कारण ऐसा हुआ और ट्रांसफॉर्मर का कुछ हिस्सा जल गया है. दिल्ली विद्युत बोर्ड की तरफ से रिपेरिंग का काम करीब साढ़े दस से 11 बजे के बीच पूरा कर दिया गया. और थोड़ी देर बाद से ट्रांसफॉर्मर के जरिए इलेक्ट्रिक सप्लाई का काम शुरू कर दिया गया.

रिपेयरिंग का काम ठीक से नहीं हुआ था
आरोप लगाया जाता है कि ट्रांसफॉर्मर की रिपेयरिंग का काम ठीक तरीके से नहीं हो पाया था. ट्रांसफॉर्मर के एक हिस्से में हुई रिपेयरिंग के बाद दूसरे हिस्से में दिक्कतें होना शुरू हो गईं. दूसरे हिस्से के भीतर स्पार्क हुआ और इसने अंदर ही अंदर इस हिस्से को जलाना शुरू कर दिया. काफी देर तक जलने के बाद इसमें एक छेद हो गया और इसके जरिए तेल रिसने लगा. इस रिसते तेल की वजह से ट्रांसफॉर्मर के भीतर की आग बाहर फैलने लगी और धीरे पार्किंग एरिया तक पहुंच गई. ये शाम करीब 5 बजे की बात है. नतीजा ये हुआ कि ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग पर खड़ी कारों में आग लग गई. धीरे-धीरे ये आग पूरे कंपांउंड में फैलने लगी.

3 से 6 का शो
सिनेमा हाल बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर था. शाम 3 से 6 के मैटिनी शो में लोग बॉर्डर फिल्म देख रहे थे. फर्स्ट फ्लोर पर लगी आग से उठते धुआं एयर कंडीशन के जरिए हॉल के भीतर मौजूद लोगों का दम घोंटने लगा. भगदड़ मच गई. जहरीली कार्बन मोनो ऑक्साइड ने लोगों की जिंदगियां खत्म करनी शुरू कर दी थी. आनन-फानन में लोगों को नजदीकी एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी. इस घटना में 59 लोगों की मौत हुई और भगदड़-आपाधापी की वजह से 103 घायल हुए.

ये भी पढ़ें: उपहार अग्निकांड: सुशील अंसल को पासपोर्ट जारी करने वाले अधिकारियों की होगी जांच, कोर्ट ने दिए आदेश


News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 20, 2020, 9:54 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर