• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • दुनिया को अलविदा कह गईं सुषमा स्वराज, इस बीमारी का चल रहा था इलाज

दुनिया को अलविदा कह गईं सुषमा स्वराज, इस बीमारी का चल रहा था इलाज

मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रह चुकीं सुषमा स्वराज (Sushma Swara) पिछले करीब 20 सालों से डायबिटीज से पीड़ित थीं. डायबिटीज की वजह से ही उन्हें किडनी की समस्या शुरू हुई थी.

  • Share this:
    भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज (susma swaraj) का मंगलवार देर शाम 67 साल की उम्र में निधन हो गया है. दिल का दौरा पड़ने के बाद परिजनों ने उन्‍हें मंगलवार रात 9:30 उन्‍हें एम्‍स में भर्ती कराया गया था. पांच डॉक्‍टरों की टीम उनके इलाज में लगी गई थी, लेकिन रात  11:00-11:30 के बीच उन्‍होंने अंतिम सांस ली.

    लंबे समय से थी डायबिटीज
    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रह चुकीं सुषमा स्वराज पिछले करीब 20 सालों से डायबिटीज से पीड़ित थीं. डायबिटीज की वजह से ही उन्हें किडनी की समस्या शुरू हो गई थी. साल 2016 में सुषमा स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन हुआ था. ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था, लेकिन इसके बाद भी समस्याएं बनी रहीं. एम्स के कई डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था.

    हार्ट अटैक के बाद लाया गया AIIMS
    मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सात बार सांसद रहीं सुषमा स्वराज मोदी सरकार के 2014-2019 तक के कार्यकाल में विदेश मंत्री के पद पर रहीं. विदेशों में रह रहे भारतीयों को जब कभी भी परेशानी हुई तब-तब सुषमा स्‍वराज ने मदद का हाथ बढ़ाया. सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 में अम्बाला में हुआ था. राजनीति में आने से पहले सुषमा स्वराज ने सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के पद पर भी काम किया.

    कई बार विदेशों में फंसे भारतीयों की उन्होंने सकुशल घर वापसी कराई (File Photo)


    साल 2014 में बीजेपी के सत्‍ता में आने के बाद सुषमा स्‍वराज को विदेश मंत्री का पद सौंपा गया. इस पद को संभालने के बाद से ही जब कभी भी विदेश में रह रहे किसी भारतीय को मदद की जरूरत पड़ी, सुषमा स्‍वराज ने हर मुमकिन कोशिश की. उन्‍होंने कई बार विदेशों में फंसे भारतीयों को सकुशल घर वापसी कराई.

    भारत में किडनी की बीमारी से हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. सामान्य तौर इसके लक्षण तब उभरकर आते हैं जब किडनी की ज्यादातर हिस्सा खराब हो चुका होता है.
    ये भी पढ़ें: 'हरियाणा की बेटी, सुषमा स्वराज का जाना बहुत बड़ी क्षति'

    सिर्फ 3 घंटे पहले सुषमा स्वराज ने किया था ट्वीट, 'मैं इस दिन को देखने का इंतजार कर रही थी'

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज