तब्लीगी जमात-मरकज केस: 956 विदेशियों को बड़ी राहत, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप में पुलिस नहीं मिले सबूत
Delhi-Ncr News in Hindi

तब्लीगी जमात-मरकज केस: 956 विदेशियों को बड़ी राहत, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप में पुलिस नहीं मिले सबूत
तब्लीगी जमात के सदस्य विदेशी नागरिकों को राहत मिल सकती है.

दिल्ली (Delhi) के निजामुद्दिन मरकज (Nizamuddin Markaj) मामले में तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) के सदस्य आरोपी विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है.

  • Share this:
दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के निजामुद्दिन मरकज (Nizamuddin Markaj) मामले में तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) के सदस्य आरोपी विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है. मरकज इवेंट में शामिल तब्लीगी जमात के 956 विदेशी नागरिकों में से किसी पर भी पुलिस ने हत्या के प्रयास या फिर अन्य गंभीर आरोप चार्जशीट में नहीं लगाने का निर्णय लिया है. 36 देशों से संबंधित इन नागरिकों पर केवल कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कोविड-19 नियमों और वीजा मानदंडों का उल्लंघन करने की कोशिश का मामला दर्ज करने की तैयारी है. पुलिस ने दिल्ली की एक अदालत के समक्ष स्पष्ट बयान दिया है कि 956 विदेशी नागरिकों में से किसी को भी भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत गंभीर आरोपों से जोड़ने का कोई सबूत नहीं है.

जांच अधिकारी ने मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर को एक रिपोर्ट में कहा है कि 956 विदेशियों के खिलाफ दायर आरोप पत्र आईपीसी की धारा 304, 308, 336 पीआर 120 बी के तहत आरोप लगाने के सबूत नहीं हैं. जबकि धारा 304 और 308 हत्या और हत्या के अपराध की सजा से संबंधित है, लेकिन धारा 336 जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों के लिए है. धारा 120 बी आपराधिक साजिश के लिए लगाई जाती है. इन आरोपों के तहत अधिकतम सजा मौद्रिक दंड के अलावा 10 साल तक की जेल हो सकती है.

ये भी पढ़ें: चीन सीमा पर सेना की मदद करेगी पुलिस, तैयार हुआ ये खास प्लान



पुलिस ने दिया ये तर्क
अदालत में, पुलिस रिपोर्ट ने प्रस्तुत किया कि 48 चार्जशीट और 11 पूरक आरोप पत्र अब तक दायर किए गए हैं। "जांच के दौरान धारा 304/308/336/120 बी आईपीसी के तहत विदेशियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. इसलिए उन्हें उपरोक्त अपराधों में आरोपित नहीं किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि 48 चार्जशीट और 11 पूरक चार्जशीट में जांच पूरी हो गई है और कहा कि 956 विदेशियों के खिलाफ कोई और जांच लंबित नहीं है. हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा कि अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी के कड़े प्रावधानों के तहत जांच लंबित है. इसके दायरे में मौलाना साद व उनके बेटे आएंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading