Delhi Violence: AAP पार्षद ताहिर हुसैन के घर जांच करने पहुंची पुलिस, उन पर लगे हैं गंभीर आरोप
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Delhi Violence: AAP पार्षद ताहिर हुसैन के घर जांच करने पहुंची पुलिस, उन पर लगे हैं गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले ताहिर हुसैन ने आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में खुद को निर्दोष बताया था. (फाइल फोटो)

Delhi Violence: SHO पुलिस टीम के साथ AAP पार्षद ताहिर हुसैन के आवास पर पहुंचे और छानबीन की.

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  • Last Updated: February 27, 2020, 1:52 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थकों और विरोधियों के बीच टकराव के बाद दिल्ली के पूर्वोत्‍तर जिले में हिंसा भड़कने से कई लोगों को जानं गंवानी पड़ी है. इस बीच, आईबी के स्‍टाफ अंकित शर्मा की हत्या का आरोप आम आदमी पार्टी (AAP) के निगम पार्षद ताहिर हुसैन और उनके समर्थकों पर लग रहा है. पत्थरबाजी में मारे गए अंकित शर्मा के भाई ने ताहिर हुसैन और उनके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है. अब पुलिस ताहिर हुसैन के आवास में पहुंचकर छानबीन की है. एसएचओ पुलिस टीम के साथ ताहिर हुसैन के आवास पर पहुंचे.

'ताहिर के बयान को किया जा रहा नजरअंदाज'
इसे लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि ताहिर हुसैन पहले ही इस पर अपना बयान दे चुके हैं. उन्होंने मदद के लिए पुलिस को फोन किया था. पुलिस आठ घंटे बाद उनके आवास पर पहुंची और उन्हें उनके घर से निकाला गया. संजय सिंह ने कहा, 'ताहिर हुसैन के बयान को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है. इसे जांच का हिस्सा क्यों नहीं बनाया जा रहा है. उन्होंने अपने घर पर हमले की सूचना देने के लिए 100 नंबर पर कॉल किया. पुलिस को पता है कि उन्होंने हुसैन और उनके परिवार को निकाला. वह पिछले दो दिनों से अपने घर में नहीं हैं.'
अंकित शर्मा के भाई बोलेबता दें कि हिंसा में मारे गए अंकित शर्मा के भाई ने कहा था 'सीएए-एनआरसी के नाम पर जो लोगों को मार रहे हैं, उसे बंद करें. मेरा घर तो बर्बाद हो गया. वो (अंकित) ड्यूटी से आ रहे थे. साढ़े चार बजे उन्हें गली के बाहर खींच कर ले गए. उन्‍हें निगम पार्षद के लोग मकान में लेकर गए थे. चार लोगों को ले जाया गया था, तीन की बॉडी मिल चुकी है, एक की नहीं मिली है.'




ताहिर ने दी सफाई
इस पर ताहिर ने वीडियो जारी कर कहा कि हिंसा भड़काने में उनकी कोई भूमिका नहीं है. उन्‍होंने कहा, 'भीड़ जबरन मेरा गेट तोड़ घर के अंदर आना चाहती थी. मैंने पुलिस बुलाई और उन्‍होंने हमारे मकान की तलाशी ली. जब कोई उपद्रवी नहीं दिखा तो मैं पुलिस के सहयोग से जान बचाकर बाहर निकला. पुलिसवालों की निगरानी एक दिन रही, उसके बाद पुलिस चली गई. मैं एक सच्‍चा और अच्छा भारतीय मुसलमान हूं. मैं आगे भी हिंदू-मुसलमान भाईचारे के लिए काम करता रहूंगा. मैं खुद जान बचाकर परिवार के साथ एक रिश्तेदार के पास हूं. मैं बच्चे की सौगंध खाकर कहता हूं कि इन सबसे मेरा कोई लेना-देना नहीं हैं. मैं इस तरह की घटिया राजनीति नहीं कर सकता.'

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