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फ्लाइट में कृपाण की इजाजतः दिल्ली HC का फैसले पर रोक लगाने से इंकार, केंद्र सरकार को नोटिस

फ्लाइट में कृपाण की इजाजतः दिल्ली HC का फैसले पर रोक लगाने से इंकार, केंद्र सरकार को नोटिस

फ्लाइट में कृपाण की इजाजत देने वाली केंद्र की अधिसूचना को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी.

फ्लाइट में कृपाण की इजाजत देने वाली केंद्र की अधिसूचना को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी.

Delhi High Court: याचिकाकर्ता ने 4 मार्च, 2022 को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी द्वारा जारी आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि केवल सिख यात्री घरेलू उड़ानों में ‘कृपाण’ लेकर जा सकते हैं, बशर्ते उसके ब्लेड की लंबाई 15.24 सेमी (6 इंच) से अधिक न हो और उसकी कुल लंबाई 22.86 सेमी (9 इंच) से अधिक नहीं हो. अब मामला हाईकोर्ट में पहुंचा है.

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दिल्ली. फ्लाइट में कृपाण की इजाजत देने वाली केंद्र की अधिसूचना को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया. दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. दरअसल, मामले में दाखिल याचिका में कहा गया था कि पहले प्लेन हाइजेक की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, जिनसे सीख लेते हुए हमें संबंधित अधिसूचना पर रोक लगानी चाहिए, लेकिन फिलहाल, कोर्ट ने रोक लगाने से इंकार किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने भेजा था हाईकोर्ट
हुआ यूं था कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर हिंदू सेना की जनहित याचिका डाली गई थी. याचिका में सिख यात्रियों को घरेलू उड़ानों में कृपाण ले जाने की अनुमति देने के नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के फैसले को चुनौती दी थी. इस पर न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन को हाईकोर्ट जाने को कहा था. पीठ ने कहा, ‘आप हाईकोर्ट जाइए. उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता के साथ अपील खारिज की जाती है.’

याचिकाकर्ता ने 4 मार्च, 2022 को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी द्वारा जारी आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि केवल सिख यात्री घरेलू उड़ानों में ‘कृपाण’ लेकर जा सकते हैं, बशर्ते उसके ब्लेड की लंबाई 15.24 सेमी (6 इंच) से अधिक न हो और उसकी कुल लंबाई 22.86 सेमी (9 इंच) से अधिक नहीं हो. अब मामला हाईकोर्ट में पहुंचा है.

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