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निर्भया गैंगरेप: 30 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगा जल्लाद, 1 फरवरी को होनी है फांसी
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Updated: January 23, 2020, 12:38 PM IST
निर्भया गैंगरेप: 30 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगा जल्लाद, 1 फरवरी को होनी है फांसी
निर्भया के दोषियों को फांसी देने 30 जनवरी को तिहाड़ पहुंच जाएगा जल्लाद (फाइल फोटो)

तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar Jail Administration) की ओर से जल्लाद के ठहरने की व्‍यवस्‍था करने की बात भी सामने आई है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 12:38 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया कांड (Nirbhaya Gang Rape Case ) के दोषियों को फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं. इस बीच, खबर आई है कि चारों दोषियों को फांसी देने के लिये जल्लाद 30 जनवरी को दिल्ली पहुंच जाएगा. संभावना जताई जा रही है कि चारों दोषियों को पवन जल्लाद (Pawan Jallad) फांसी देंगे. उनके ठहरने के लिए फ्लैट की व्यवस्था किए जाने की भी बात सामने आई है. इसके लिये तिहाड़ जेल प्रशासन ने जेल मुख्यालय के पास स्थित सेमी ओपन जेल के एक फ्लैट को खाली कराया है.

1 फरवरी को होनी है फांसी
चारों को फांसी पर लटकाने की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई है. मुकेश के पास फांसी को टालने के लिए अपने बचाव में जितने भी कानूनी उपचार थे वह उन सभी को आजमा चुका है. इसकी दया याचिका को भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खारिज कर चुके हैं. अगर इसी बीच मुकेश के अलावा अन्य तीनों में से किसी ने दया याचिका डाल दी तो यह मामला फिर कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है. ऐसे में कानूनी जानकारों का कहना है कि फिर से फांसी के लिए संभवत: एक नई डेट दी जाएगी. चार दिन में इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए एक और ट्रायल किया गया है.

तिहाड़ ने पूछी दोषियों की अंतिम इच्छा

तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए दोषियों से उनकी आखिरी इच्छी पूछी है. जेल प्रशासन ने आरोपियों को नोटिस थमाकर पूछा है कि 1 फरवरी को तय फांसी से पहले वह अंतिम बार किससे मिलना चाहता है? जेल प्रशासन ने पूछा है कि उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो क्या वह उसे किसी के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, कोई धार्मिक किताब पढ़ना चाहते हैं या किसी धर्मगुरु को बुलाना चाहते हैं? अगर वह चाहें तो इन इच्‍छाओं को 1 फरवरी से पहले पूरा कर सकते हैं.

चारों दोषियों के लिये 32 सिक्यॉरिटी गार्ड
जेल सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नंबर-3 में अलग-अलग सेल में रखा गया है. हर दोषी के सेल के बाहर दो सिक्यॉरिटी गार्ड तैनात रहते हैं. इनमें से एक हिंदी और इंग्लिश का ज्ञान ना रखने वाला तमिलनाडु स्पेशल पुलिस का जवान और एक तिहाड़ जेल प्रशासन का होता है. हर दो घंटे में इन गार्ड को आराम दिया जाता है. शिफ्ट बदलने पर दूसरे गार्ड तैनात किए जाते हैं. हर एक कैदी के लिए 24 घंटे के लिए आठ-आठ सिक्यॉरिटी गार्ड लगाए गए हैं. यानी चार कैदियों के लिए कुल 32 सिक्यॉरिटी गार्ड.ये भी पढ़ें: निर्भया गैंगरेप: दोषियों की क्‍या है आखिरी इच्‍छा? अंतिम बार किससे करना चाहते हैं मुलाकात?
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First published: January 23, 2020, 12:21 PM IST
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