कोरोना संकट को देखते हुए HC ने कहा- सेना की मदद लेने पर विचार करे दिल्ली सरकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली सरकार को कोरोना संकट के दौरान सेना की मदद लेने पर विचार करना चाहिए. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली सरकार को कोरोना संकट के दौरान सेना की मदद लेने पर विचार करना चाहिए. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना संकट को लेकर बुधवार को सुनवाई हुई. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिये हैं कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेना की मदद लेने पर विचार करना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 10:28 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना संकट को लेकर बुधवार को सुनवाई हुई. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिये हैं कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेना की मदद लेने पर विचार करना चाहिए. साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा है कि मृतकों को एम्बुलेंस के बजाए पुराने डीटीसी बस में ले जाने पर विचार करे.

दिल्ली हाई कोर्ट में दिल्ली सरकार को कल स्टेटस रिपोर्ट दायर करके बताना है कि लैब में RTPCR टेस्ट कितने हुए या हो रहे है? और RTPCR टेस्ट में कमी क्यो हुई? इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमारा देश एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है. ऐसे में लोगों को एक साथ खड़े होने की जरूरत है. साथ ही सभी अस्पतालों को दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा की अगर आपके पास ऑक्सीजन और दूसरी दवाइयां है तब आप अर्जेंट कॉल अधिकारी को न करे इससे विश्वास डगमगाता है.

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हाईकोर्ट ने अपोलो अस्पताल में डॉक्टर और नर्स से मारपीट मामले पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे मेडिकल फेटिरनेटी डिमोरलाइज होती है. लिहाजा, पुलिस इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए. दिल्ली हाई कोर्ट ने रेमेडिसिवर के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार के नए प्रोटोकॉल पर नाराजगी जताई. जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा कि सिर्फ ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीज़ो को ही रेमीडिसेवेर की इजाज़त देनेवाला ये नियम अविवेकपूर्ण है. इसका मतलब तो ये हुआ कि जिसको ऑक्सीजन नहीं मिला, आप उसे रेमेडिसिवर भी नहीं देंगे.
नाराज जस्टिस प्रतिभा सिंह ने केन्द्र सरकार से कहा - आप महज रेमेडिसिवर इंजेक्शन की कमी के चलते प्रोटोकॉल मत बदलिए। ऐसा लगता है कि आप चाहते है कि लोग मर जाये. कल तक सरकार से इस पर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि जो लोग होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं, उनके लिए ऑक्सीजन की क्या व्यवस्था है. दिल्ली सरकार के वकील- हमने 20 MT ऑक्सीजन ऐसी इमरजेंसी की हालत के लिए रिजर्व रखा है, जब किसी की जान को खतरा हो.

दिल्ली को 700 MT ऑक्सीजन की जरूरत है, 490 MT ही मिल रहा है. फिर भी अधिकतर अस्पताल संतुष्ट हैं. दिल्ली हाईकोर्ट की एक दूसरी बेंच ऐसे लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें अलग-अलग लोगों ने हॉस्पिटल में बेड उपलब्ध कराए जाने की मांग की है. जस्टिस प्रतिभा सिंह की बेंच कर रही है सुनवाई.

कोर्ट में दिल्ली सरकार का पक्ष  



दिल्ली सरकार ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि आज हमारे पास 14 रिफिलर हैं. इनमें से, कुछ ऐसे हैं जो अत्यधिक कुशल हैं और कुछ नहीं हैं. दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि प्रत्येक अस्पताल के लिए, एक रिफिलर को जोड़ा गया है. यदि मुख्य आपूर्तिकर्ता ऑक्सीजन नही सप्लाई कर पा रहा है तो रिफिलर से पूरा किया जा रहा है.

दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी द्वारा एक बैठक हुई है, जिसमें सभी पक्षों ने भाग लिया था. प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं ने अगले 72 घंटों मे आपूर्ति सामान्य होने का अनुमान लगाया था. जिसके आधार पर हमने यह आदेश पारित किया. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि जो लोग होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं उनके लिए ऑक्सीजन की क्या व्यवस्था है.
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