हाथरस कांड में दंगा भड़काने की साजिश में दिल्ली की जमिया यूनिवर्सिटी के छात्र का नाम आया सामने

हाथरस में दंगा भड़काने की साजिश में दिल्ली की जमिया यूनिवर्सिटी के छात्र का नाम सामने आ रहा है.
हाथरस में दंगा भड़काने की साजिश में दिल्ली की जमिया यूनिवर्सिटी के छात्र का नाम सामने आ रहा है.

हाथरस (Hathras) में दंगा (Riot) भड़काने की साजिश में दिल्ली (Delhi) की जामिया यूनिवर्सिटी (Jamia University) के एक छात्र का नाम सामने आया है. पुलिस (Police) ने उसे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 8:16 PM IST
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नई दिल्ली. यूपी के हाथरस कांड (Hathras case) से जुड़े मामले में दिल्ली स्थित जमिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia University ) के एक छात्र का नाम सामने आ रहा है. जिस पर यूपी में दंगा करवाने की संभावित साजिश रचने का गंभीर आरोप लग रहा है. आरोपी मसूद को फिलहाल यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है. यूपी पुलिस के मुताबिक जमिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मसूद खान के खिलाफ काफी महत्वपूर्ण इनपुट्स मिले हैं, जिसे केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED ) से साझा किया गया है.

ईडी के साथ साझा किए गए दस्तावेजों में इस बात की जानकारी दी गई है कि आरोपी मसूद खान पर हाथरस कांड के बहाने यूपी में संभावित दंगा करवाने की साजिश का आरोप है. इसके साथ ही आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसका वास्ता पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI ) की स्टूडेंट विंग कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI ) के साथ है. जिस पर स्टूडेंट्स के बीच काफी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है. आरोपी छात्र मसूर दिल्ली की जामिया में एलएलबी का छात्र है. बीते दो साल से ये कैम्पस फ्रेंड ऑफ इंडिया (CFI ) से जुड़ा है. इसके परिवार की अगर बात करें तो मसूद खान पिता नाम शकील खान है, जो बहराइच जिले के जरवल रोड़ मोहल्ला बैरा काजी के थाना जरवल रोड़ क्षेत्र का रहने वाला है. यूपी पुलिस सहित जांच एजेंसी ईडी जल्द ही मसूद के परिवार सहित उसके कई परिचितों से पूछताछ कर सकती है.
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जमिया यूनिवर्सिटी के छात्रों पर पहले भी लगे हैं हिंसा भड़काने के आरोप


अक्सर सवालों के घेरे में रहने वाली संदिग्ध संस्था पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ED पहले से ही दिल्ली दंगा सहित कई अन्य मसलों में तफ्तीश कर रही है. दिल्ली दंगे के वक्त भी PFI संस्था से जुड़े कई उसकी सहयोगी संस्था पर गंभीर आरोप लगे हैं, लिहाजा उन तमाम मामलों की तफ्तीश की जा रही है. इसलिए दिल्ली दंगे के बाद यूपी में होने वाले संभावित दंगों से जुड़े कनेक्शन को खंगालने का काम किया जा रहा है.

हालांकि जमिया कनेक्शन की अगर बात करें तो CAA के मसले पर  जमिया यूनिवर्सिटी के काफी छात्रों द्वारा दिल्ली में हिंसा भी की गई थी. बाद में काफी स्टूडेंट्स ने अन्य संदिग्ध लोगों के साथ मिलकर गाड़ियों और सरकारी बसों में आग लगा दी. उसके बाद जमिया के पास में ही शाहीनबाग इलाके में महीनों विरोध प्रदर्शन और उसके बाद पिछले साल फरवरी महीने में दिल्ली में हुए दंगों में जमिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को दिल्ली पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया था. हालांकि कई आरोप पत्र उस मामले में दायर किए जा चुके हैं, लेकिन मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है.

इस मामले में यूपी पुलिस की कई टीमें तफ्तीश में जुटी हुई हैं, लेकिन जिस तरह से सोमवार शाम को यूपी पुलिस के द्वारा चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अब जांच के कई अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं. कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध रखने वाले इन आरोपियों को सोमवार को यूपी पुलिस ने किया था गिरफ्तार, उसके नाम प्रमुख तौर पर इस प्रकार से हैं...

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1.अतीक उर रहमान - यूपी स्थित मुजफ्फरनगर के रतनपुर इलाके का रहने वाला है.
2.मोहम्मद चैरूर- केरल के मल्लपुरम इलाके का रहने वाला है.
3.मसूद अहमद - यूपी के बहराइच इलाके का है रहने वाला है.
4.आलम- यूपी के रामपुर इलाके का है रहने वाला है.

इस मामले में ईडी के सूत्रों का कहना है कि अगर यूपी पुलिस के द्वारा इस  पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI ) या उसकी सहयोगी संस्था कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI ) नाम की संस्था से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स और आरोपी का कनेक्शन सामने आता है, तो निश्चित ही तौर पर ईडी इस मामले को अलग से दर्ज करके उसकी तफ्तीश कर सकती है. फिलहाल यूपी पुलिस की तफ्तीश रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
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