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खुशखबरी: अब दिल्ली में कोरोना वायरस से जल्द मिलेगी राहत, विशेषज्ञों ने बताया बड़ा कारण

खुशखबरी: अब दिल्ली में कोरोना वायरस से जल्द मिलेगी राहत, विशेषज्ञों ने बताया बड़ा कारण

मरीजों की रिसर्च के अनुसार एक संक्रतिम व्यक्ति 200 लोगों तक को संक्रमित कर सकता है.

मरीजों की रिसर्च के अनुसार एक संक्रतिम व्यक्ति 200 लोगों तक को संक्रमित कर सकता है.

No Panic Situation: डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा एक सप्ताह और यह स्थिति रहेगी और उसके बाद केसेज में गिरावट दर्ज होने लगेगी. इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि नए वैरिएंट की लाइफ साइकिल सिर्फ चार से पांच दिन की है.

हाइलाइट्स

केसेज के जल्दी ठीक होने का प्रतिशत ज्यादा रहता है.
नए वैरिएंट की लाइफ साइकिल सिर्फ चार से पांच दिन की है.

नई दिल्ली. राजधानी में इन दिनों प्रतिदिन हजार के करीब कोरोना केसेज सामने आ रहे हैं. इस कारण दिल्ली में आम लोगों के बीच ​डर बैठ गया है. लोग एक बार फिर भयावह स्थिति का सोचकर घबरा रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच डॉक्टर्स दिल्लीवासियों के लिए राहत की एक खबर लेकर आए हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि बढ़ते केसेज से परेशान होने की जरूरत नहीं है. यह कोरोना वायरस लम्बे समय तक टिकने वाला नहीं है और जल्द ही वापस पहले जैसी सामान्य स्थिति हो जाएगी.

जितनी तेजी से फैल रहा, उतनी ही तेज रिकवरी
डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा एक सप्ताह और यह स्थिति रहेगी और उसके बाद केसेज में गिरावट दर्ज होने लगेगी. इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि नए वैरिएंट की लाइफ साइकिल सिर्फ चार से पांच दिन की है. वर्तमान मरीजों की रिसर्च के अनुसार एक संक्रतिम व्यक्ति 200 लोगों तक को संक्रमित कर सकता है. ऐसे में सफदरगंज हॉस्पिटल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि​ जितनी तेजी से कोई संक्रमण फैलता है, उतनी ही तेजी से रिकवरी भी होती है. यानी केसेज के जल्दी ठीक होने का प्रतिशत ज्यादा रहता है. आंकड़ों को देखा जाए तो अस्पताल में भ​र्ती होने वाले मरीजों की संख्या काफी कम है. ऐसे में जाहिर है कि परेशान होने वाली बात नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है.

विशेषज्ञों का कहना है कि नया वैरिएंड सर्कुलेशन मोड में है और एक साइकिल चल रही है जिससे दिल्ली में कोविड केसेज ज्यादा और कम हो रहे हैं. टीओआई में छपी खबर के अनुसार एम्स के एडिशनल प्रोफेसर, मेडिसिन, नीरज निश्चल के अनुसार ​वर्तमान कोरोना स्थिति को महामारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और इससे घबराने की जरूरत नहीं है. वायरस सर्कुलेट होता रहेगा लेकिन यह जानलेवा नहीं है. अगर अस्पतालों में इस कारण भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती, तब चिंता की बात होती.

बता दें कि सोमवार को संक्रमित मरीजों की संख्या 1076 रही और संक्रमण दर 6.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

Tags: Delhi Corona Case, Delhi news

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