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OPINION: दिल्ली की जनता ने सभी दलों को दिया मुस्कुराने का मौका

Anil Rai | News18Hindi
Updated: February 11, 2020, 10:44 AM IST
OPINION: दिल्ली की जनता ने सभी दलों को दिया मुस्कुराने का मौका
दिल्ली विधानसभा में इस बार आम आदमी पार्टी और BJP के बीच ही कड़ी टक्कर थी.

चुनाव परिणामों का विश्लेषण करें तो एक बात साफ दिखती है कि दिल्ली की जनता ने इस चुनाव में तीनों राजनीतिक पार्टियों को जश्न मनाने का कम से कम एक मौका जरूर दिया है.

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  • Last Updated: February 11, 2020, 10:44 AM IST
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विधानसभा की जो तस्वीर अब तक सामने आ रही है, उससे एक बात तो तय है कि दिल्ली की जनता ने सभी राजनीतिक दलों को मुस्कुराने का मौका दे दिया है. जनता ने ऐसा मतदान किया है कि सारी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी पीठ थपथपा सकती हैं. चुनाव परिणामों का विश्लेषण करें तो एक बात साफ दिखती है कि दिल्ली की जनता ने इस चुनाव में तीनों राजनीतिक पार्टियों को जश्न मनाने का कम से कम एक मौका जरूर दिया है. हर पार्टी के पास बहाना है अपना गम भुलाने का और वो किसी न किसी बहाने अपना गम भुला सकती हैं.

आप मनाएगी सत्ता में वापसी का जश्न
बात करें आम आदमी पार्टी की तो पार्टी को विधानसभा में भले ही सीटों का नुकसान हो रहा है लेकिन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता इस बात का जश्न मना रहे हैं कि पार्ची ने लगातार तीसरी बार दिल्ली में सरकार बना ली है. पहली बार जहां आम आदमी पार्टी को कांग्रेस के समर्थन की जरूरत पड़ी थी वहीं लगातार दो चुनावों में पार्टी अकेले बहमुत की सरकार बन रही है. लोकसभा चुनावों में जिस तरह दिल्ली में आप का सफाया हुआ था उसे बाद सत्ता में वापसी आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती थी. जिस तरह इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने आक्रामक रणनीति अपनाई थी उसने भी आम आदमी पार्टी को नए सिरे से चुनाव की रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया था.



आखिर क्यों खुश है बीजेपी
बीजेपी को भले ही इस चुनाव में सत्ता नहीं मिली हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए भी है ये चुनाव फायदे का सौदा साबित होता दिख रहा है. पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 3 सीटों पर सिमट गई थी ऐसे में पार्टी ने चुनाव में भले ही सरकार ने बनाई हो लेकिन उसका आंकड़ा दहाई तक पहुंच गया है. पिछले 20 साल से दिल्ली की सत्ता से बाहर आने वाली पार्टी के लिए भले ही सत्ता में वापसी ना होना परेशान कर रहा होगा लेकिन जिस तरह एग्जिट पोल बीजेपी को दहाई के आंकड़े से दूर बता रहे थे उसके बाद पार्टी को इतनी सीटें मिलना पार्टी को राहत दे सकता है. विधानसभा में इन आकड़ों के सहारे बीजेपी दिल्ली की जनता को बताने में कामयाब हो सकती है दिल्ली की जनता के हित के लिए वो काम कर रही है.

परिणामों से इसलिए खुश हैं कांग्रेसबात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस के लिए ये चुनाव कुछ भी लेकर नहीं आया. लगातार 15 साल तक सत्ता में रहने वाली पार्टी इसलिए चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी. पार्टी को उम्मीद थी कि इस चुनाव में कम से कम पार्टी का खाता तो जरूर खुलेगा और शायद इसी उम्मीद में पार्टी ने अपने सभी दिग्गजों को चुनाव मैदान में उतार दिया. पार्टी के सारे दिग्गज नेताओं ने दिल्ली में चुनावी सभाएं भी कीं. लेकिन पार्टी अपना खाता खोल नहीं पाई लेकिन कांग्रेस के पास खुश होने का एक मौका जरूर है. पिछले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखे तो कांग्रेस की कोशिश अपने जितने से बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने की होती है. कर्नाटक में जेडीएस से ज्याद सीटे होने के बाद भी बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस ने जेडीएस सरकार बनवा दी हालांकि बाद में बीजेपी वहां सत्ता में आ गई ठीक इसी तरह महाराष्ट्र और झारखंड में भी कांग्रेस ने बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. दिल्ली के चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस इस बात पर खुश हो सकती है कि कम से कम बीजेपी तो सत्ता में नहीं आई.

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First published: February 11, 2020, 10:44 AM IST
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