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जामिया के शिक्षकों की परफार्मेंस का रिव्यू होगा, JTA का ऐतराज, कहा- यूनिवर्सिटी के शिक्षकों पर नहीं लागू होता नियम

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी.
जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी.

जामिया यूनिवर्सिटी ने एक आदेश निकाला है, जिसमें कहा गया है कि अब प्रोफेसर्स की परफार्मेंस को समय-समय पर जांचा जाएगा. इस आदेश का जामिया टीचर्स एसोसिएशन (JTA) ने आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 11:09 AM IST
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नई दिल्ली. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में जारी हुए एक आदेश को लेकर शिक्षक और यूनिवर्सिटी प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं. असल में, यूनिवर्सिटी ने एक आदेश निकाला है, जिसमें कहा गया है कि अब प्रोफेसर्स की परफार्मेंस को समय-समय पर जांचा जाएगा. इस पर जामिया टीचर्स एसोसिएशन (Jamia Teachers Association) ने कड़ा ऐतराज जताया है.

एसोसिएशन का कहना है कि यूनिवर्सिटी के शिक्षकों पर ये नियम लागू नहीं होता. संघ ने संबंध में बुधवार को एक मीटिंग बुलाई, जिसमें एक स्वर में आदेश का विरोध किया गया. संघ ने कहा कि सीसीएस (Central Civil Services) के नियम विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए लागू नहीं होते हैं, इसलिए आदेश को वापस लिया जाए.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के आदेश में कहा गया है कि अब शिक्षकों के परफार्मेंस का रिव्यू किया जाएगा, इसके आधार पर तय होगा कि उनकी नौकरी जारी रखी जाए, या उन्हें केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के अनुसार समय से पहले सेवानिवृत्त (Prematurely Retired) दे दिया जाए.



कार्यालय का आदेश संकायों के सभी डीन, विभागों के प्रमुखों, केंद्रों के निदेशकों और मुख्य प्रॉक्टर सहित सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, छात्रों के कल्याण के डीन, परीक्षाओं के नियंत्रक को जारी किया गया है. इस आदेश का जामिया टीचर्स एसोसिएशन (JTA) की आलोचना की, जिसमें कहा गया कि CCS नियम विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए लागू नहीं होते. इसलिए इस आदेश को वापस लिया जाए.
JTA के सचिव मोहम्मद इरफान कुरैशी ने कहा कि "बुधवार को इस आदेश पर चर्चा करने के लिए JTA की बैठक बुलाई गई. इसमें पूरे जेटीए चुनाव आयोग की एक राय थी कि जामिया मिलिया इस्लामिया (एक केंद्रीय विश्वविद्यालय) एक स्वायत्त निकाय है, जहां सीसीएस नियम लागू नहीं किया जा सकता है। इसलिए, JTA रजिस्ट्रार, JMI से मांग करता है कि वह तत्काल प्रभाव से कार्यालय के आदेश को वापस ले ले."

रजिस्ट्रार नाजिम हुसैन अल-जाफरी ने कहा, “इस संबंध में एक सरकारी अधिसूचना आई थी, इसलिए हमने इसे जारी किया। अभी हम कुछ भी समीक्षा नहीं कर रहे हैं। लेकिन अगर वे चाहें तो CCS रूल्स को विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाया जा सकता है। मुझे शिक्षक संघ की स्थिति की जानकारी नहीं है यह हमारा आंतरिक मामला है। ”
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