गाजीपुर बॉर्डर पर योगेंद्र यादव ने कहा - अब किसान जीत कर ही जाएगा और कोई रास्ता हमारे पास नहीं है

योगेंद्र यादव ने गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को संबोधित किया. बताया कल उपवास का दिन. (फाइल फोटो)

योगेंद्र यादव ने गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को संबोधित किया. बताया कल उपवास का दिन. (फाइल फोटो)

योगेंद्र यादव ने कहा कि राकेश टिकैत जी के चार बूंद आंसू ने किसानों पर लगे कलंक को धो दिया है. लाल किले में जो हुआ है वह किसान आन्दोलन ने नहीं किया. फिर भी इसकी नैतिक जिम्मेवारी हम लेते हैं. इसके लिए 30 जनवरी को हम उपवास रखेंगे.

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  • Last Updated: January 29, 2021, 9:19 PM IST
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नई दिल्ली. गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर किसानों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा (samyukt kisan morcha) के नेता और किसान आंदोलन का विशेष चेहरा योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) ने कहा कि अब किसान जीत कर ही जाएगा और कोई रास्ता हमारे पास नहीं है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने हम सभी पर मुकदमा कर दिया है. वे हमें लुकआउट नोटिस दे रहे हैं. लेकिन मैं दिल्ली पुलिस से कहना चाहूंगा कि लुकआउट नोटिस की जरूरत नहीं है, हमें यहीं से लुक आउट कर दो.

किसानों पर चौतरफा हमला

उन्होंने कहा कि किसानों पर चौतरफा हमला हो रहा है लेकिन किसानों ने हर हमले का धीरज के साथ जवाब दे दिया है. हमारे साथी भी बीच-बीच में मायूस होते हैं. पर कल जैसी परिस्थितियों में हमारे किसान नेताओं और आंदोलनकारी किसानों ने जैसा संघर्ष किया है, उससे देश के सभी किसानों को हिम्मत मिली है. मैं साफ तौर पर कहता हूं कि नहीं भागूंगा कहीं. यही मेरा देश है.

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आंसू ने किसानों पर लगे कलंक धो दिए

योगेंद्र यादव ने कहा कि राकेश टिकैत जी के चार बूंद आंसू ने किसानों पर लगे कलंक को धो दिया है. लाल किले में जो हुआ है वह किसान आन्दोलन ने नहीं किया. हमने यह सब नहीं करवाया, लेकिन फिर भी हमने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेवारी हम लेते हैं. इसके लिए 30 जनवरी को हम उपवास रखेंगे. योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार सोच रही है कि वह हमें तोड़ देगी. लेकिन मैं जानता हूं कि वह सफल नहीं होगी.

यह किसानों की लड़ाई है, किसी धर्म की नहीं



उन्होंने गाजीपुर के धरनास्थल पर मौजूद लोगों से कहा कि इस मंच के माध्यम से जहां तक हमारी आवाज पहुंच रही है, मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि आज आपकी जरूरत है. आप सभी अपने परिवार के एक-एक सदस्य को भेजो. करनाल सोनीपत वाले यहां नहीं, सिंघु बोर्डर पर जाइए. यह देश के किसान की लड़ाई है, किसी धर्म की लड़ाई नहीं है. जो पिछले 72 घंटे में हुआ है, अगले तीन दिन में उसको ठीक करना है. गाड़ी मुड़ गई है, अब रुकना नहीं है. एक बात सभी सुन लो, किसान अपमानित हो कर वापस नहीं जाएगा. अब किसान जीत कर ही जाएगा और कोई रास्ता हमारे पास नहीं है.
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