दिल्ली से नोएडा आने-जाने वालों की होगी रैंडम कोरोना जांच, राजधानी में वीकेंड लॉकडाउन से यूपी में सख्ती

नोएडा जिला प्रशासन ने दिल्ली से आने और जाने वालों का रैंडम चेकअप कराने का फैसला किया है.

नोएडा जिला प्रशासन ने दिल्ली से आने और जाने वालों का रैंडम चेकअप कराने का फैसला किया है.

दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन के बाद यूपी सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू का वक्त बढ़ा दिया है. इसके साथ ही नोएडा प्रशासन ने दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले लोगों की रैंडम टेस्टिंग कराने का फैसला किया गया है.

  • Last Updated: April 15, 2021, 4:18 PM IST
  • Share this:
नोएडा. देशभर में वैश्विक महामारी कोरोना (Corona Pandemic) की मार से जनता का हाल बेहाल है. दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन (Weekend Lockdown) किया गया तो वहीं यूपी सरकार (UP Government) ने रात्रिकालीन कर्फ्यू (Night curfew) का वक़्त बढ़ाने का फैसला लिया है. यूपी के 10 शहर जहां एक्टिव मरीजों की संख्या 2 हज़ार से ज़्यादा है. वहां रात्रि कर्फ्यू के टाइमिंग में बदलाव करते हुए टाइम को रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक कर दिया है, और अब दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले लोगों की रैंडम टेस्टिंग कराने का फैसला किया गया है.

दिल्ली से सटे होने की वजह से गौतमबुद्ध नगर जिला काफी अहम हो जाता है. जिले में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से प्रशासन भी तैयारियों में जुटा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग ने बेड की संख्या में एक बार फिर से इजाफा करते हुए 2,500 बेड की व्यवस्था की है. जिले में 2 हज़ार से ज़्यादा एक्टिव मरीज़ हैं. जिसमें से करीब 1,300 मरीज़ हॉस्पिटल में हैं. यहीं कुल क्षमता के 59% बेड जिले में भरे हुए हैं.

नोएडा DM सुहास एलवाई ने बताया कि दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना मामलों को देखते हुए दिल्ली से नोएडा आने जाने वालों के  रेंडम टेस्टिंग की जाएगी. इसके साथ ही नोएडा में रात्रि कर्फ्यू का समय बढ़ाया जाएगा. लगातार बढ़ रही कोरोना मामलों की संख्या को देखते हुए जनपद में बढ़ाई गई बेड़ों की संख्या, अब 2500 की गई है. दवाओं की ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर होगी कार्यवाही.

टीकाकरण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि टीकाकरण अभियान तेज़ी से चल रहा है. अप्रैल महीने का तकरीबन 65 प्रतिशत टीकाकरण पूरा हो गया है. इसके साथ साथ नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक ओहरी ने कहा कि जिले में कोविड मरीजों के लिए बेड्स लगातार बढ़ाये जा रहे है. अभी तक तकरीबन 2500 बेड्स तैयार हैं. जिनमें से तकरीबन 59 प्रतिशत बेड फुल हो चुके हैं. रेमेडिसिविर दवा की कमी नहीं है. टीकाकरण अभियान तेज़ी से चल रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज