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धर्म परिवर्तन में तय की गई हैं 4 तरह की सजा, पढ़ें किस जुर्म में मिलेगी कितनी सजा

'अगर किसी शादी का मकसद सिर्फ किसी लड़की का धर्म परिवर्तन हुआ, तो ऐसे विवाह का शून्य घोषित कर दिया जाएगा.'
'अगर किसी शादी का मकसद सिर्फ किसी लड़की का धर्म परिवर्तन हुआ, तो ऐसे विवाह का शून्य घोषित कर दिया जाएगा.'

सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020' को मंजूरी दे दी गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 3:11 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (UP) मंत्रिमंडल ने तथाकथित 'लव जिहाद' (Love Jihad) की घटनाओं को रोकने के लिए एक अध्यादेश (Love Jihad Ordinance) को मंजूरी दे दी. इसके तहत विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल (Jail) और जुर्माने की सजा का प्रावधान है. लेकिन इस कानून में सिर्फ शादी के लिए ही नहीं और भी दूसरे मकसद से धर्म परिवर्तन (religious conversions) कराए जाने पर सजा मिलेगी. इसे चार कैटेगिरी में बांटा गया है.

इस तरह बांटा गया है जुर्म और सजा को

राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि इस नए अध्यादेश में धर्म परिवर्तन को चार कैटेगिरी में बांटा गया है. उसी के हिसाब से सजा तय की गई है. अध्यादेश में मिथ्या निरूपण, बल, असम्यक प्रभाव, प्रपीड़न, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण माध्यम द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन हेतु विवश किये जाने पर उस कृत्य को एक संज्ञेय अपराध के रूप में मानते हुए सम्बन्धित अपराध गैर जमानतीय प्रकृति का होने और उक्त अभियोग को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विचारणीय बताये जाने का प्राविधान किया जा रहा है. अध्यादेश में जुर्म और सजा को इस तरह से रखा गया है.



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अध्यादेश का उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम 5 साल की सजा होगी. वहीं जुर्माने की रकम 15 हज़ार रुपए से कम नहीं होगी, इस तरह का प्राविधान किया गया है.

अवयस्क महिला, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के सम्बन्ध में धारा-3 के उल्लंघन पर कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की जेल होगी. वहीं जुर्माने की रकम 25 हज़ार रुपए से कम नहीं होगी.

सामूहिक धर्म परिवर्तन के सम्बन्ध में जेल 3 साल से कम नहीं होगी और अधिकतम 10 साल तक की होगी. जबकि जुर्माने की रकम 50 हज़ार रुपए से कम नहीं होगी.

अध्यादेश के अनुसार धर्म परिवर्तन के इच्छुक होने पर एक तय प्रारूप पर जिला मजिस्ट्रेट को 2 महीने पहले सूचना देनी होगी. इसका उल्लंघन किये जाने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा और जुर्माने की रकम 10 हज़ार रुपए से कम की नहीं होने का प्राविधान किया जा रहा है.
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