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ये टॉवर 90% तक कम कर देंगे दिल्ली का एयर पॉल्यूशन, इस साल राहत मिलने की उम्मीद

दिल्ली में स्मॉग टॉवर का ट्रायल सफल रहा है. इससे हवा को साफ करने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है.

दिल्ली में स्मॉग टॉवर का ट्रायल सफल रहा है. इससे हवा को साफ करने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है.

Delhi Air Pollution News: दिल्ली में स्मॉग टॉवर का ट्रायल सफल रहा है, इससे देश की राजधानी में वायु प्रदूषण के कम होने की उम्मीद है. इन स्मॉग टावर की निगरानी के लिए IIT मुंबई और IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गई है, जो इसके कामकाज पर नजर रखेगी और फिर इस पर एक रिपोर्ट बनाकर देगी.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) निजात दिलाने के लिये पहले स्मॉग टावर (Smog Tower) की शुरुआत की गयी है. पहला स्मॉग टावर कनॉट प्लेस (Smog Tower in Connaught Place) के पास लगाया गया है, जिसका पिछले महीने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejariwal) ने उद्घाटन भी किया था. तब इसे परीक्षण (Smog Tower Trial) के तौर पर शुरू किया था, लेकिन अब ये परीक्षण पूरा हो चुका है.

स्मॉग टॉवर 1 अक्टूबर से पूरी क्षमता साथ काम करना भी शुरू कर देगा. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक़ अब तक हुये परीक्षण के नतीजे काफ़ी बेहतर आये है, इसलिये इसे अब पूरी तरह से ऑपरेशनल किया जा रहा है.

दिल्ली में लगे इस स्मॉग टावर की क्या है ख़ासियत और ये कैसे करता है काम अब ज़रा इसके बारे में भी जान लीजिये …

स्मॉग टावर कैसे करता है काम

क़रीबन 24 मीटर लंबे इस स्मॉग टावर को कुछ इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि इसका ऊपरी हिस्सा बाहर की हवा को अंदर की तरफ़ खींचता है. फिर चारों दिशाओं में बनी 4 केनोपी के सहारे इस हवा को इसमें लगे फ़िल्टर तक पंहुचाया जाता है. सामने लगे फ़िल्टर इस हवा में से प्रदूषित कणों को बाहर कर देते हैं और फिर साफ़ हवा को दूसरे फ़िल्टर के ज़रिये इसमें चारों तरफ़ लगे बडे-बडे पंखों की मदद से बाहर की तरफ़ छोड़ा जाता है. इस तरह ये टावर बाहर से प्रदूषित हवा को अंदर फ़िल्टर के ज़रिये साफ करता है और फिर साफ़ हवा को बाहर छोड़ देता है.

क्या है ख़ासियत

इस स्मॉग टावर की बात करें तो इसमें हवा साफ़ करने के लिये 10 हज़ार फ़िल्टर लगाये गये हैं जबकि 40 ऐसे बड़े पंखे लगे है जो साफ़ हवा को बाहर की तरफ़ छोड़ते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो इसके ज़रिये क़रीबन 1 किमी तक की हवा को साफ़ किया जा सकता है. फ़िलहाल इस स्मॉग टावर की निगरानी के लिए IIT मुंबई और IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई गई है। जो इसके कामकाज पर नजर रखेगी और फिर इस पर एक रिपोर्ट बनाकर देगी.

रियल टाइम डेटा की जानकारी

इस स्मॉग टावर की लगातार मॉनिटरिंग भी की जाती है इसके लिये एक अलग सेंटर बनाया गया है. इस जगह से ये जानकारी मिलती है कि बाहर कि हवा कितनी प्रदूषित है और उस हवा को ये टावर किस हद तक साफ़ कर सकता है. इसके ज़रिये pm2.5 और pm10 दोनों की रियल टाइम जानकारी ली जाती है. इसकी निगरानी कर रहे साइंटिस्ट डॉ अनवर अली ने बताया कि इस डेटा से हमें जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ स्मॉग टावर की मदद से 80 से 90 फ़ीसदी तक हवा साफ़ हो रही है.

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