खुशखबरी: दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए अब इस ईंधन का होगा इस्‍तेमाल, पायलट प्रोजेक्‍ट शुरू

सीएनजी अब नए नाम एचसीएनजी के नाम से जनी जाएगी. अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होगी.

एचसीएनजी (HCNG) के इस्तेमाल से 70 फीसद कार्बन मोनोऑक्साइड और 15 फीसदी हाइड्रोकार्बन कम होगा और तीन से चार फीसदी तक वाहनों का फ्यूल एवरेज (Fuel average) भी बढ़ जाएगा.

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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air pollution in Delhi) के बीच केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर मंगलवार को एक नई योजना की शुरुआत की है. इसके तहत सीएनजी में बड़ा बदलाव किया गया है. दिल्ली सरकार (Dehi Government) के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि इस बदलाव को देखते हुए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दिल्ली में 20 अक्‍टूबर से नई सीएनजी के साथ 50 बसें चलाई गई हैं. यह सभी बसें अब एचसीएनजी (HCNG) से चलेंगी. मतलब हाइड्रोजन युक्त सीएनजी. इस ईंधन को सीएनजी से भी काफ़ी बेहतर बताया जा रहा है. जानकारों की मानें तो इसके इस्तेमाल से सीएनजी (CNG) से भी बेहद कम प्रदूषण होगा.

एचसीएनजी की सप्लाई के लिए दिल्ली सरकार राजघाट डिपो के पास एक गैस स्टेशन तैयार कर रही है. इसके लिए दिल्ली सरकार ने राजघाट बस डिपो के अंदर एक प्लांट तैयार किया है. यहां पर हाइड्रोजन युक्त सीएनजी तैयार की जाती है. इसके बग़ल में ही एक स्टेशन भी तैयार किया गया है. इस स्टेशन पर बसों में एचसीएनजी को भरा जाएगा. ये स्टेशन इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने साथ मिल कर तैयार किया है.

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परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि इस ईंधन के इस्तेमाल से प्रदूषण में काफ़ी कमी आएगी. फ़िलहाल 6 महीने के लिए इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर रहे हैं, लेकिन रिज़ल्ट बेहतर आने पर इसे पूरी दिल्ली में शुरू किया जाएगा.

सीएनजी से सस्ती होगी
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि एचसीएनजी के इस्तेमाल के लिए गाड़ियों के इंजन में ज़्यादा तब्दीली करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. यह ईंधन लोगों को काफ़ी किफ़ायती दाम में मिले इसकी भी पूरी कोशिश की जा रही है. पर्यावरण से जुड़े जानकारों की भी माने तो इस तरह के ईंधन से काफ़ी हद तक प्रदूषण में कमी आएगी. फ़िलहाल हाइड्रोजन को सीएनजी के साथ मिलाकर एचसीएनजी को तैयार किया जा रहा है.

हालांकि, सबसे बेहतर तब होगा जब पूरी तरह हाइड्रोजन पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शिफ्ट किया जाएगा. दरअसल, दिल्ली में हर साल प्रदूषण से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के समाधान के तौर पर हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों पर काम करने का सुझाव दिया था. मौजूदा समय में डीटीसी और क्लस्टर बसें सीएनजी से चलती हैं.

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