लॉकडाउन में भी खुलता है दिल्ली का ये सिनेमा घर, बस इतनी चुकानी होती है टिकट
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लॉकडाउन में भी खुलता है दिल्ली का ये सिनेमा घर, बस इतनी चुकानी होती है टिकट
यमुना पुल के नीचे बने इस सिनेमा हाल में फिल्म देखते लोग.

कोरोना महामारी (Corona epidemic) के कारण देशभर के सिनेमाघर (Theater) पिछले 6 महीने से बंद पड़े हैं, लेकिन दिल्ली (Delhi) में एक ऐसा भी सिनेमाघर है जो इस दौरान लगातार चल रहा है. यह बेघरों के लिये मनोरंजन (Entertainment) का एक बड़ा अच्छा साधन भी बन चुका है.

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  • Last Updated: September 5, 2020, 2:29 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Corona epidemic) के कारण हुए लॉकडाउन (Lockdown) में पिछले 6 महीने से देश के सभी सिनेमाघर (Theater) बंद हैं, लेकिन राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक सिनेमाघर ऐसा भी है जो इस दौरान लगातार चल रहा है. यहां लोग सिर्फ मनोरंजन करने ही नहीं आते बल्कि यह सिनेमा घर (Theater) कई लोगों के लिए आसरा भी बना हुआ है. इस सिनेमा घर की खासियत यही है कि यहां कोई बहुत पैसे वाले और अमीर आदमी फिल्म देखने नहीं आते. इस सिनेमा घर में गरीब लोग फिल्म देखने के लिए आते हैं. इस सिनेमा घर में भी कोरोना से बचने के लिए सभी नियमों का पालन किया जाता है.

दरअसल यमुना नदी पर बना दिल्ली का पुराना लोहे का पुल इस सिनेमाघर के लिये एक छत का काम कर रहा है और इस छत के इर्द-गिर्द बड़े-पड़े पर्दे लगाकर तैयार किये गये इस सिनेमाघर में लोग टीवी पर फिल्में देखते हैं. फिल्में यहां सीडी प्लेयर के ज़रिये दिखायी जाती हैं. फिल्म देखने के लिये आम सिनेमाघरों की तरह बकायदा टिकट भी रखी गयी है. पांच रुपये की टिकट में 1 फिल्म देखी जा सकती है, जबकि 10 रुपये में पूरे दिन चलने वाली 5 फिल्में देखने को मिलती हैं. फिल्म के बीच में कोई इंटरवल नहीं रखा जाता है और रोजाना 5 फिल्में बैक टू बैक चलायी जाती है. कई गरीबों का तो 10 रुपये देकर फिल्म देखने के साथ ही पूरा दिन यहीं आराम से कट जाता है.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर कोरोनाकाल में ये सिनेमाघर कैसे चलाया जा रहा है. दरअसल इस सिनेमाघर को मज़दूरों और बेघरों के लिये तैयार किया गया है, जो इसके जरिये अपना मनोरंजन कर सकें. लेकिन इस दौरान इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का भरपूर पालन हो, इसके लिये सभी को एक निश्चित दूरी पर बैठाया जाता है. साथ ही इस बात का भी खास ध्यान रखा जाता है कि बिना चेहरा ढके किसी को भी एंट्री ना दी जाय. कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुये चलाया जा रहा ये सिनेमाघर अब बेघरों के लिये मनोरंजन का एक बड़ा साधन बन गया है.



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