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कोरोना काल और लॉकडाउन में जेल से बेल पर आए करोड़ों के चीटर क्यों हो गए अब अंडरग्राउंड?

कोरोना काल और लॉकडाउन में जेल से बेल पर आए करोड़ों के चीटर क्यों हो गए अब अंडरग्राउंड?

कोरोना काल के शुरुआत से लेकर अब तक देश के कई जेलों से जमानत पर बाहर आए हजारों कैदी अंडरग्राउंड हो गए हैं.

कोरोना काल के शुरुआत से लेकर अब तक देश के कई जेलों से जमानत पर बाहर आए हजारों कैदी अंडरग्राउंड हो गए हैं.

पिछले साल कोरोना काल (Corona Period) के शुरुआत से लेकर अब तक देश के कई जेलों (Jails) से जमानत पर बाहर आए हजारों कैदी (Prisoners) अंडरग्राउंड हो गए हैं. अगर देश की सबसे बड़े और सुरक्षित जेलों में से एक तिहाड़ जेल (Tihar Jail) की बात करें तो यहां से भी कई कैदी लॉकडाउन के दौरान पैरोल (Parole) पर बाहर आए लेकिन, अभी तक वापस जेल नहीं पहुंचे हैं.

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नई दिल्ली. पिछले साल कोरोना काल (Corona Period) के शुरुआत से लेकर अब तक देश के कई जेलों (Jails) से जमानत पर बाहर आए हजारों कैदी (Prisoners) अंडरग्राउंड हो गए हैं. अगर देश की सबसे बड़े और सुरक्षित जेलों में से एक तिहाड़ जेल (Tihar Jail) की बात करें तो यहां से भी कई कैदी लॉकडाउन के दौरान पैरोल (Parole) पर बाहर आए लेकिन, अभी तक वापस जेल नहीं पहुंचे हैं. खास बात यह है कि इनमें से कई कैदी ऐसे हैं, जिन्होंने करोड़ों रुपये ठगी कर कर रखा है. पिछले दिनों ही तिहाड़ जेल प्रशासन ने भगोड़े कैदियों की एक लिस्ट तैयार की है और अब उन कैदियों की खोजबीन शुरू कर दी गई है.

गौरतलब है कि पिछले साल ही जमानत पर बाहर आए दो कैदियों को दिल्ली पुलिस ने मुंबई के अंधेरी से पकड़ा है. ये दोनों कैदियों ने आईपीएल में टीम दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से कई करोड़ रुपये ठग लिए थे. आखिरकार इन दोनों को दिल्ली पुलिस ने मुंबई के अंधेरी से गिरफ्तार कर लिया.

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पिछले साल ही जमानत पर बाहर आए दो कैदियों को दिल्ली पुलिस ने मुंबई के अंधेरी से पकड़ा है.

हजारों कैदी गए तो कहां गए?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों शख्स सहित पांच आरोपियों को कोविड शुरू होने से पहले गिरफ्तार किया था. कोविड की शुरुआत के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तिहाड़ में कोरोना संक्रमण को देखते हुए अन्य कैदियों की तरह इन दोनों कैदियों को भी जमानत पर रिहा किया गया था. अप्रैल 2020 में इन पांचों में से कल्पेश और चिराग को रिहा कर दिया गया, लेकिन दोनों ने तय समय पर सरेंडर नहीं कया.

तिहाड़ जेल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस की भगोड़े कैदियों की लिस्ट सौंपी
दिल्ली के तिहाड़ जेल सहित कई जेलों में भी बंद हजार कैदियों को छोड़ा गया था. अब एक साल बाद पैरोल पर छोड़े गए तकरीबन 2000 कैदी जेल में वापस नहीं लौटे हैं. तिहाड़ जेल प्रशासन इसको लेकर अब नोटिस जारी किया है. तिहाड़ जेल के मुताबिक या तो जानबूझ कर वापस नहीं आना चाहते हैं या फिर वह भाग गए हैं. अब तिहाड़ जेल प्रशासन ने इन कैदियों की डिटेल दिल्ली पुलिस से शेयर की है.

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एक साल बाद पैरोल पर छोड़े गए हजारों कैदी जेल में वापस नहीं लौटे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

कैदियों की खोजबीन शुरू की गई
इस साल के शुरुआत में भी इन 2 हजार कैदियों की पूरी जानकारी दिल्ली पुलिस मुख्यायल भेजी गई थी. दिल्ली पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इन भगोड़े कैदियों की ढूंढने का काम और तेज कर दिया जाएगा.

तिहाड़ जेल से तकरीबन 7 हजार कैदी छोड़े गए थे
बता दें कि पिछले साल से लेकर कोरोना की दूसरी लहर तक तिहाड़ जेल में बंद 18 हजार से अधिक कैदियों में से करीब 7 हजार कैदियों को इमरजेंसी पैरोल और जमानत पर छोड़ा गया था. इन कैदियों को इसलिए छोड़ा गया था, क्योंकि देश में कोरोना के मामले में तेजी आई गई थी. खासकर तिहाड़ जेल में बंद बुजुर्ग और बीमार कैदियों को पैरोल पर उनके घर के लिए भेज दिया गया था. जेल प्रशासन ने इसलिए ऐसा किया ताकि जेल में अगर कोरोना फैलता है तो इन बुजुर्ग और बीमार कैदियों को वायरस के चपेट में आने से बचाया जाए.

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हालांकि, इसके पीछे कई और वजहें बताई जा रही हैं. जैसे, बहुत से कैदियों ने जेल नहीं जाने के लिए अदालतों के शरण में गए हैं. हालांकि कई ऐसे भी कैदी हैं जो अभी तक ट्रेसलेस हैं. ये कैदी न तो अदालत में गए हैं और ही इन्होंने जेल प्रशासन को इस बारे में सूचित किया है. पिछले दिनों ही इन कैदियों को भगौड़ा घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू की चुकी है.

Tags: Corona period, Delhi news, Delhi police, Lockdown, Prisoners, Tihar jail

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