लाइव टीवी

निर्भया केस: तिहाड़ जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को लिखी चिट्ठी, पूछा- अंतिम बार कब मिलेंगे?
Delhi-Ncr News in Hindi

News18Hindi
Updated: February 22, 2020, 10:41 AM IST
निर्भया केस: तिहाड़ जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को लिखी चिट्ठी, पूछा- अंतिम बार कब मिलेंगे?
निर्भया के चारों दोषी पिछले सात साल से तिहाड़ जेल में बंद हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तिहाड़ जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को पत्र लिखकर उन्हें उनसे अंतिम मुलाकात की तारीख बताने को कहा है. जेल मैनुअल के मुताबिक से फांसी लगने के 14 दिन पहले दोषियों से मिलने के लिये उनके परिवारवालों को चिट्ठी लिखी जाती है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 10:41 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया केस (Nirbhaya Case) में दोषियों को डेथ वारंट (Death Warrant) जारी होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar Jail Administration) उन्हें फांसी देने से पहले होने वाली सारी प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गया है. जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को पत्र लिखकर उन्हें उनसे अंतिम मुलाकात की तारीख बताने को कहा है. जेल मैनुअल के मुताबिक से फांसी लगने के 14 दिन पहले दोषियों से मिलने के लिये उनके परिवारवालों को चिट्ठी लिखी जाती है.

तिहाड़ जेल के अधिकारियों के अनुसार, दोषी मुकेश और पवन पिछले महीने (एक फरवरी को फांसी देने का निर्णय होने से पहले) अपने परिजनों से मिल चुके हैं. वहीं अब अक्षय और विनय से भी पूछा गया है कि वो अंतिम बार अपने परिवारवालों से कब मिलना चाहते हैं.



तीसरी बार हुई डेथ वारंट जारी, 3 मार्च को होगी फांसी
बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों को तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया है. इस नए डेथ वारंट के अनुसार चारों दोषियों को तीन मार्च की सुबह छह बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. इससे पहले दो बार दोषियों का डेथ वारंट जारी किया गया था. सबसे पहले 22 जनवरी को फांसी की तारीख मुकर्रर हुई थी. दूसरी बार एक फरवरी को फांसी की तारीख तय की गई थी. लेकिन दोषियों के वकील ने कानूनी दांव-पेच लगाकर इसे रद्द करवा दिया था.

निर्भया की मां डेथ वारंट मिलने से संतुष्ट
निर्भया की मां आशा देवी ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा था, 'मैं बहुत खुश नहीं हूं, क्योंकि यह तीसरी बार है जब डेथ वारंट जारी किया गया. हमने अब तक बहुत संघर्ष किया है, इसलिए मैं संतुष्ट हूं कि आखिरकार डेथ वारंट जारी किया गया है. मुझे उम्मीद है कि उन्हें (दोषियों को) तीन मार्च को फांसी दी जाएगी.

क्या है पूरा मामला
बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिकल स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी. दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए. इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था. इसके बाद उन्होंने पीड़िता को घायल अवस्था में चलती बस से फेंक दिया था. बुरी तरह जख्मी पीड़ित युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था. यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम निर्भया दिया गया था.

ये भी पढ़ें: निर्भया के गुनहगार को नहीं है मानसिक बीमारी, इन 5 तरीकों से साइकेट्रिस्ट ने पकड़ा झूठ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 22, 2020, 10:24 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर