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दरियागंज हिंसा: भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को तीस हजारी कोर्ट ने दी जमानत, लेकिन रखी ये शर्त

Amit Singh | News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 5:50 PM IST
दरियागंज हिंसा: भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को तीस हजारी कोर्ट ने दी जमानत, लेकिन रखी ये शर्त
दरियागंज हिंसा मामले में पुलिस ने भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. (फाइल फोटो)

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को CAA के खिलाफ पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था.

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  • Last Updated: January 15, 2020, 5:50 PM IST
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नई दिल्ली. भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को CAA के खिलाफ पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसमें हुई सुनवाई के बाद तीस हजारी कोर्ट ने आजाद को जमानत दे दी है, साथ ही कोर्ट ने शर्त भी रखी है. इस शर्त में कोर्ट ने कहा कि चंद्रशेखर अगले 4 सप्ताह तक दिल्ली में नही रहेंगे.

दिल्ली में चुनाव होने वाले है. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली चुनाव में कोई दखल न हो, इसलिए चंद्रशेखर को सख्त निर्देश दिए गए हैं.  कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मामले में जबतक चार्जशीट दायर नहीं होती, चंद्रशेखर सहारनपुर में हर शनिवार को एसएचओ के सामने अपनी हाजरी देंगे. वहीं कोर्ट की तरफ से चंद्रशेखर को यह निर्देश भी मिला है कि वो दिल्ली के शाहीन बाग भी नहीं जाएंगे और ना ही वहां चल रहे प्रोटेस्ट में किसी भी तरह से शामिल होने की कोशिश करेंगे.

सुनवाई के समय भी लगाई थी फटकार
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण की जमानत पर सुनवाई के दौरान तीस हजारी कोर्ट ने चंद्रशेखर को फटकार लगाई. कोर्ट ने चंद्रशेखर को कहा कि 'आपको इंस्टीट्यूशन और प्रधानमंत्री का सम्मान करना चाहिए' कोर्ट ने ये भी कहा कि जो ग्रुप प्रोटेस्ट करता है उसी पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगता है और इस मामले में पुलिस ने कहा है कि हिंसा हुई है और पुलिस बैरीकेडिंग, दो प्राइवेट गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है. इसकी जवाबदेही भी चंद्रशेखर की है.

कोर्ट में चंद्रशेखर के ट्वीट पढ़े
चंद्रशेखर के वकील महमूद प्राचा ने कोर्ट में चंद्रशेखर के ट्वीट पढ़े. रमा प्रसाद बिस्मिलाह के कोट को चंद्रशेखर ने ट्वीट किया. इसे वो रोज गाते हैं. जिस पर कोर्ट ने कहा कि क्या वाकई में रोज गाते है. इस ट्वीट से क्या जनता भड़केगी नहीं? इस पर चद्रशेखर के वकील ने कहा कि आरएसएस का भी ट्वीट है. जिस पर कोर्ट और भड़क गया और कहा कि आप किसी और के ट्वीट का जिक्र यहां मत कीजिए. महमूद प्राचा ने कोर्ट से कहा कि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन था. मोदी जी को जब किसी से दिक्कत होती है तो पुलिस को आगे कर देते हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि आपको प्रधानमंत्री और इंस्टिट्यूशन का सम्मान करना चाहिए.



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First published: January 15, 2020, 5:36 PM IST
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