लाइव टीवी

Delhi Assembly Election: शराब नहीं गांजे से वोटरों को लुभाने की कोशिश, जब्ती ने तोड़े पिछले रिकॉर्ड

भाषा
Updated: February 2, 2020, 4:48 PM IST
Delhi Assembly Election: शराब नहीं गांजे से वोटरों को लुभाने की कोशिश, जब्ती ने तोड़े पिछले रिकॉर्ड
दिल्ली विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने रिकार्ड तोड़ मात्रा में गांजे जब्त किया है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में अब तक नशीले पदार्थों की जब्ती पिछले चुनाव की तुलना में 21 गुना अधिक हो चुकी है.

  • Share this:
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव दर चुनाव आपराधिक छवि के उम्मीदवारों (Candidates of Criminal Image) की बढ़ती आमद के साथ ही चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल होने वाली अवैध सामग्री, खासकर नशे का जोर भी पिछले रिकार्ड तोड़ रहा है. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थों में गांजे की भारी मात्रा में बरामदगी चौंकाने वाली है.

135 किलो से अधिक नशीला पदार्थ जब्‍त 
इस बार के विधानसभा चुनाव में 6 जनवरी को आचार संहिता (Code of Conduct) लागू होने के बाद पांच सप्ताह में 30 जनवरी तक 42.69 करोड़ रुपए मूल्य की शराब, नशीले पदार्थ और कीमती धातुएं जब्त की जा चुकी हैं. सुरक्षा एजेंसियों के लिए कुल 135 किलो से अधिक जब्त किए गए नशीले पदार्थों में इस बार गांजे की सर्वाधिक मात्रा, सुरक्षा एजेंसियों के लिए चौंकाने वाली साबित हुई है.

सबसे ज्‍यादा गांजे की मात्रा

चुनाव के दौरान अवैध सामग्री की धरपकड़ अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव में मांग के अनुरूप नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति करवाई जाती है. पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में पकड़ी गई 83 किग्रा हेरोइन की जगह इस विधानसभा चुनाव में गांजे ने ले ली है. आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव में आपराधिक मामलों में आरोपियों की उम्मीदवारी के बढ़ते ग्राफ को, चुनाव में नशा और अन्य अवैध सामग्री की बढ़ती खपत से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए.

इस चुनाव में 15 फीसदी प्रत्याशियों पर दर्ज हैं गंभीर मुकदमे 
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार विधानसभा चुनावों में गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे उम्मीदवारों की हिस्सेदारी वर्ष 2008 में चार फीसदी से बढ़कर 2020 में 15 फीसदी हो गई है. वहीं, इस चुनाव में अब तक नशीले पदार्थों की जब्ती, पिछले चुनाव की तुलना में 21 गुना अधिक हो चुकी है. चुनाव में अवैध सामग्री की धरपकड़ संबंधी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जब्त की गई अवैध शराब, नशीले पदार्थ और कीमती धातुओं की कीमत 2.42 करोड़ रुपए थी.बढ़ रहा है धनबल और बाहुबल का ग्राफ
उल्लेखनीय है कि चुनावी विश्लेषण से जुड़ी शोध संस्था ऐसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक रिफोर्म (ADR) की शनिवार को जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली विधानसभा चुनाव में धनबल और बाहुबल का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के चुनाव मैदान में जमे कुल 672 उम्मीदवारों में गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे प्रत्याशियों की संख्या 104 (15 प्रतिशत) है, जबकि 2008 में ऐसे उम्मीदवारों की हिस्सेदारी चार फीसदी थी जो 2013 में बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई. 2015 में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या घटकर 11 प्रतिशत हो गई.

करोड़पति हैं 36 प्रतिशत उम्मीदवार
इसी प्रकार दिल्ली के चुनाव में धनकुबेरों की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है. इस चुनाव में कुल 36 प्रतिशत करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें सर्वाधिक 83 प्रतिशत कांग्रेस के, 73 प्रतिशत आप के और 70 प्रतिशत भाजपा के उम्मीदवार शामिल हैं. वहीं 2015 में करोड़पति प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत थी, इनमें सर्वाधिक 84 प्रतिशत कांग्रेस के, 72 प्रतिशत भाजपा के और 63 प्रतिशत आप के उम्मीदवार थे.

ये भी पढ़ें - 

शाहीन बाग गोलीकांड: सामने आया आरोपी युवक का परिवार, कही यह बात

IRCTC चलाएगी तीसरी निजी ट्रेन, 24 कंपनियों ने दिखाई रुचि

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 2, 2020, 2:03 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर