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रेल बजटः क्या प्रभु खरे उतरेंगे लोगों की उम्मीदों पर

रेल बजटः क्या प्रभु खरे उतरेंगे लोगों की उम्मीदों पर

किराया बढ़ने के आसार कम हैं, लेकिन प्रभु के सामने घटती आमदनी और बढ़ती उम्मीदों के बीच बेहतर बजट पेश करने की चुनौती होगी.

किराया बढ़ने के आसार कम हैं, लेकिन प्रभु के सामने घटती आमदनी और बढ़ती उम्मीदों के बीच बेहतर बजट पेश करने की चुनौती होगी.

किराया बढ़ने के आसार कम हैं, लेकिन प्रभु के सामने घटती आमदनी और बढ़ती उम्मीदों के बीच बेहतर बजट पेश करने की चुनौती होगी.

  • Pradesh18
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    रेल मंत्री सुरेश प्रभु गुरुवार को संसद में आज अपनी दूसरा रेल बजट पेश करने वाले हैं. किराया बढ़ने के आसार कम हैं, लेकिन प्रभु के सामने घटती आमदनी और बढ़ती उम्मीदों के बीच बेहतर बजट पेश करने की चुनौती होगी.

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    इस बार सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सुरेश प्रभु यात्रियों को कौन-सा नया तोहफा दे रहे हैं.

    वहीं, रेल बजट पेश करने से एक दिन पहले प्रभु ने कहा कि रेल बजट सबके लिए संतोषजनक होगा.

    कितने बजे क्या होगा

    सुरेश प्रभु और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा रेल भवन से संसद के लिए 11.25 मिनट पर रवाना होंगे. 11.35 मिनट पर दोनों संसद पहुंच जाएंगे. रेल बजट पेश हो जाने के बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल और बोर्ड के दूसरे सदस्यों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस 3.15 बजे रेल भवन में होगी.

    आपको बता दें कि नगदी की समस्या से जूझ रहे रेल की हालत वैसी ही जैसे 1991 में देश की अर्थव्यस्था का हाल था. ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या रेल मंत्री सुरेश प्रभु 1991 के मनमोहन सिंह की तरह रेल को बिगड़ी दशा से निकाल कर क्या पटरी पर ला सकेंगे.

    2016 सुरेश प्रभु के लिए सबसे बड़ा साल साबित होने जा रहा है. रेलवे के सुधारने के लिए क्रांतिकारी सुझावों के अलावा कोई और रास्ता नहीं है. 1991 में भारतीय अर्थव्यव्था में न तो प्रतिस्पर्धा थी, वित्तीय संकट से घिरी हुई और सरकारी संरक्षण और एकाधिकार से घिरी हुई थी. आज का दौर में रेलवे इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.

    Tags: Rail Budget, Suresh prabhu

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