Lockdown in Delhi: दिल्ली के व्यापारियों का बड़ा ऐलान, कई बाजारों में 25 अप्रैल तक लगाया लॉकडाउन

25 अप्रैल तक दिल्‍ली के कई बाजारों में लॉकडाउन रहेगा.

25 अप्रैल तक दिल्‍ली के कई बाजारों में लॉकडाउन रहेगा.

दिल्‍ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बेलगाम होने के बाद कई बाजार संगठनों (Traders Union) ने 25 अप्रैल तक लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है. इसमें चांदनी चौक के मुख्य बाजार के अलावा भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार आदि शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 12:04 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी में दिल्‍ली कोरोना वायरस (Coronavirus) के बेकाबू होने से आम जनता के साथ थोक से लेकर खुदरा बाजार के लोग भी दहशत में है, क्योंकि इस संक्रमण से कारोबारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं. यही नहीं, कोरोना की वजह से अब तक कई कारोबारियों की जान भी चली गई है. इस बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के वीकेंड कर्फ्यू के बाद बाजार संगठनों ने 25 अप्रैल तक लॉकडाउन (Lockdown)का ऐलान कर दिया है.

बता दें कि रविवार की शाम तक चांदनी चौक के मुख्य बाजार के अलावा इलेक्ट्रानिक्स मार्केट भागीरथ पैलेस, ज्वेलरी बाजार दरीबा कलां, स्टील हार्डवेयर मार्केट चावड़ी बाजार, कपड़ा मार्केट गांधी नगर और टैक्ट्रर पाट्रर्स मार्केट मोरी गेट ने बाजार बंद की घोषणा कर दी है. यही नहीं, मोरी गेट, तिलक बाजार, खारी बावली, दरीबाकलां और चावड़ी बाजार के कारोबारी संगठनों ने सोमवार से 21 अप्रैल तक (तीन दिन) के लिए बाजार बंद का ऐलान किया है. इसके अलावा चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल और गांधी नगर मार्केट के एक्सपोर्ट सरप्लस क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन ने 25 अप्रैल तक बाजार बंद रखने की घोषणा की है. जबकि भागीरथ पैलेस 20 से 25 अप्रैल तक बंद रहेगा.

दिल्‍ली में कोरोना बेकाबू

राजधानी दिल्‍ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 25,462 नए मामले सामने आए हैं. वहीं 161 लोगों ने इस महामारी के चलते दम तोड़ दिया है. दिल्‍ली में पॉजिटिविटी रेट बढ़ कर 29.74% पहुंच गया है. अब राजधानी में 74,941 एक्टिव मामले हो गए हैं. वहीं अब तक 7,66,398 लोग इस बीमारी को मात दे चुके हैं. बात की जाए कोरोना से हुई मौतों की तो 12,121 लोगों ने अभी तक दम तोड़ दिया है. इस बीच केजरीवाल सरकार की ओर से आदेश दिया गया है कि दिल्‍ली के सभी प्राइवेट अस्‍पताल और नर्सिंग होम जो कोविड का उपचार उपलब्‍ध करा रहे हैं, उनमें कुल बेड का 80 फीसदी कोविड के लिए आरक्षित कर दिए जाएं. इनमें 80 फीसदी आईसीयू बेड और 80 फीसदी ही वार्ड बेड शामिल हैं.
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