ISBT से यूपी बॉर्डर का सफर हुआ आसान, केजरीवाल का दावा- 303 करोड़ का फ्लाईओवर 250 करोड़ में हुआ तैयार

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सीलमपुर-शास्त्री पार्क फ्लाईओवर का उद्घाटन किया.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सीलमपुर-शास्त्री पार्क फ्लाईओवर का उद्घाटन किया.

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने 10 फरवरी 2019 को सीलमपुर-शास्त्री पार्क फ्लाईओवर (Seelampur-Shastri Park flyover) बनाने की आधारशिला रखी थी. इस फ्लाई ओवर को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था. 303 करोड़ का फ्लाईओवर 250 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 4:43 PM IST
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नई दिल्ली. दशहरा से ठीक पहले पूर्वी दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों को शनिवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को सीलमपुर-शास्त्री पार्क फ्लाईओवर (Seelampur-Shastri Park flyover) का उद्घाटन किया. इन दोनों फ्लाईओवर के चालू हो जाने से अब आईएसबीटी (ISBT) और यूपी बॉर्डर (UP Border) तक का सफर 10 मिनट में पूरा होगा. इस दौरान कोई रेड लाइट भी नहीं मिलेगी. दोनों फ्लाईओवर को समय से पूरा होने पर केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों और पीडब्लूडी के अधिकारियों को बधाई दी. केजरीवाल ने कहा कि फलाईओवर के चालू हो जाने से रोजाना लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी. 303 करोड़ का फ्लाईओवर 250 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ. ईमानदार सरकार ने दिल्ली की जनता के 53 करोड़ रुपए बचा लिए. मुझे लगता है कि पिछले 70 साल में कभी कोई सरकारी प्रोजेक्ट स्वीकृत पैसे से कम में पूरा नहीं हुए होंगे.'

10 फरवरी 2019 को फ्लाईओवर की आधारशिला रखी गई थी
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने 10 फरवरी 2019 को दोनों फ्लाईओवर बनाने की आधारशिला रखी थी. इस फ्लाई ओवर को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था. उसी के मुताबिक योजनाएं बनाकर इस पर तेजी से काम शुरू किया गया. अक्टूबर 2019 तक काम बहुत तेजी से चला और लगभग 70 प्रतिशत काम हो चुका था. इसके बाद प्रदूषण की वजह से निर्माण कार्यों पर रोक लग गई थी. दिसंबर बाद निर्माण कार्यों पर लगा प्रतिबंध हटने के बाद फिर काम शुरू हुआ, लेकिन रात के समय काम करने पर पाबंदी थी. यह पाबंदी इसी साल फरवरी में हटाई गई और फिर काम तेजी से शुरू हुआ. लेकिन, मार्च 2020 में कोविड-19 की वजह से काम को फिर बंद करना पड़ा. इतनी दिक्कतों के बावजूद भी दोनों फ्लाई ओवर पर तेजी से काम करके तय समय के अंदर पूरा कर लिया गया.
शनिवार को फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली के लोगों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है. इसलिए आज दिल्ली के लोगों को राष्ट्रीय राजधानी में रहने पर गर्व होता है. पहले सरकारी प्रोजेक्ट में बचने वाला पैसा नेताओं की जेब में चला जाता था, जबकि हम प्रोजेक्ट में बचे पैसे से दिल्ली के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयां और शिक्षा आदि सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं.’आईएसबीटी से यूपी बॉर्डर तक 10 मिनट में ही पहुंच जाएंगेकेजरीवाल ने आगे कहा, 'पिछली सरकारों में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्वी दिल्ली के लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया. पूर्वी दिल्ली के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया गया. आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में काफी विकास किया है. मैं सीएम बनने से पहले पूर्वी दिल्ली में ही रहता था, यहां के लोगों की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हूं, पूर्वी दिल्ली में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण समेत अन्य कई विकास कार्य किए गए हैं.’




53 करोड़ रुपए बचाए गए
इस दौरान दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा, ‘एमसीडी ने आजाद मार्केट फ्लाई ओवर को बनाने में 10 साल लगा दिए और करीब 800 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि हमने केवल 250 करोड़ में ही 9-10 महीने में ही अपने फ्लाईओवर बना दिए.’

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इस फ्लाईओवर की मांग लंबे समय से की जा रही थी. इस मार्ग पर सुबह और शाम पीक आवर्स में बहुत भयंकर जाम लगता था और लोगों का कीमती समय के साथ-साथ ईंधन बर्बाद होता था और इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा था, लेकिन अब इन दोनों फ्लाईओवर के चालू हो जाने से लोगों को इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी. इस प्रोजेक्ट को बनाने के दौरान दिल्ली सरकार ने पुलिस और स्थानीय लोग आदि से जो भी सुझाव मिले, उन सुझावों को भी शामिल किया. सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पीछे रहने वाले लोग पहले पैदल सड़क पार करते थे, उनकी सुविधा के लिए एक सब-वे का निर्माण किया गया है.
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