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मंडोली जेल में महिला डॉक्‍टर से कैदी ने की रेप की कोशिश, डीजी जेल को नोटिस

दिल्‍ली की मंडोली जेल में महिला डॉक्‍टर से रेप की कोशिश.

दिल्‍ली की मंडोली जेल में महिला डॉक्‍टर से रेप की कोशिश.

महिला डॉक्‍टर ने आयोग को बताया कि वॉशरूम में ही अचानक वह कैदी पीछे से उस पर झपटा और फिर रेप करने की कोशिश की. किसी तरह ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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नई दिल्‍ली. दिल्ली की मंडोली जेल में काम करने वाली डॉक्टर के साथ रेप की कोशिश पर दिल्‍ली महिला आयोग ने डायरेक्‍टर जनरल जेल को नोटिस जारी किया है. महिला डॉक्‍टर की ओर से आयोग को मिली शिकायत में बताया गया कि वह 26 सितंबर को जेल में बने महिला वॉशरूम में गई थी तो वहां पहले से ही एक कैदी छुपा हुआ था. आरोपी अंडर ट्रायल कैदी है जो दुष्‍कर्म के ही आरोप में जेल में भर्ती है और वह जेल में ही इसका पहले इलाज भी कर चुकी है.

महिला डॉक्‍टर ने आयोग को बताया कि वॉशरूम में ही अचानक उस कैदी ने पीछे से उस पर छलांग लगा दी और फिर रेप करने की कोशिश की. वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुई और उसने सिक्‍योरिटी स्‍टाफ को इसके बारे में जानकारी दी.

आयोग ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है. जिस जेल में पुरुष कैदी बंद हैं और इसी जेल में महिलाएं भी काम कर रही हें तो इस घटना ने महिला स्‍टाफ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्‍ली महिला आयोग ने जेल के डीजी को नोटिस जारी किया है. साथ ही इस मामले में एफाआईआर की कॉपी की डिटेल्‍स और इस मामले में जांच की रिपोर्ट मांगी हैं. इतना ही नहीं आयोग ने जेल में काम कर रही फीमेल स्‍टाफ की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है.

इसके अलावा, आयोग ने दिल्ली में प्रत्येक जेल के लिए गठित आंतरिक शिकायत समिति का विवरण मांगा है. योग ने समिति के समक्ष प्राप्त यौन उत्पीड़न की शिकायतों के साथ ही की गई कार्रवाई की भी जानकारी मांगी है. जेल अधिकारियों को 3 अक्टूबर 2022 तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘जेल में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर को इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से गुजरना गुजरना पड़ा. उसे उस आदमी से जान छुड़ाकर भागने के लिए उस से शारीरिक रूप से लड़ना पड़ा. यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो. हमने जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. प्रत्येक जेल में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत एक आंतरिक शिकायत समिति होनी चाहिए और जेलों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए.’

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