अपना शहर चुनें

States

उन्नाव रेप केस में दोषी MLA कुलदीप सेंगर को कोर्ट 20 दिसंबर को सुनाएगा सजा

सजा को लेकर तीस हजारी कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दोषी कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास देने की मांग की. सीबीआई ने इस दौरान कहा कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है
सजा को लेकर तीस हजारी कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दोषी कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास देने की मांग की. सीबीआई ने इस दौरान कहा कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है

सजा को लेकर तीस हजारी कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दोषी कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास देने की मांग की. सीबीआई ने इस दौरान कहा कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2019, 2:03 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. उन्नाव रेप कांड (Unnao Gang Rape) में दोषी करार दिए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को 20 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) में मंगलवार सुबह सेंगर की सजा पर सुनवाई हुई. इस दौरान सीबीआई ने दोषी कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास देने की मांग की. सीबीआई ने इस दौरान कहा कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है. कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि इस तरह के मामलों में अभी तक कितना कंपनसेशन (मुआवजा) दिया गया है. इस दौरान सीबीआई ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन देखेंगे कि ऐसे पीड़ितों को कितना मुआवजा मिलता है.



सेंगर के वकील ने कहा- हमेशा की है लोगों की सेवा
सेंगर के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनकी उम्र 54 साल है और उनका पूरा करियर देखा जाए तो वर्ष 1988 से अभी तक वो पब्लिक डीलिंग करते रहे हैं. 1995 से 2000 तक ब्लॉक लेवल पर सदस्य रहे. हमेशा लोगों की सेवा की है. वर्ष 2002 से लगातार वो जनता की मांग पर चुनाव लड़े और विधायक बने.  वकील ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने इलाके में कई इंस्टीट्यूट बनवाए. विकास कार्य किए. साथ ही कहा कि सेंगर पर जनता ने कभी कोई आरोप नहीं लगाया. यह पहला मामला है. उनकी दो बेटियां भी हैं जो शादी के लायक हैं ऐसे में उनको कम से कम सजा दी जानी चाहिए.
सोमवार को दोषी करार दिया था


इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने अपने दिए फैसला में सेंगर को दोषी करार दिया था. जबकि इस मामले में एक अन्य आरोपी शशि सिंह को कोर्ट ने बरी कर दिया है. शशि सिंह पर आरोप था कि वो नौकरी दिलाने के बहाने पीड़िता को कुलदीप सिंह सेंगर के पास लेकर गई थी, जिसके बाद उसने पीड़िता से रेप (Rape) किया था.

सेंगर पर अभी तीन और मामले हैं
बता दें कि कुलदीप सेंगर पर अभी तीन और मामले दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट में चल रहे हैं. अभी सेंगर को रेप के मामले में दोषी करार दिया गया है. सेंगर को 14 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने शशि सिंह की मामले में भूमिका को संदेह के घेरे में रखा. शशि ‌सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने और न ही मामले में सीधे तौर पर भूमिका स्पष्ट होने के चलते कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी कर दिया.

पीड़िता के परिवार पर लगाए फर्जी केस
सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्ष 2017 में जब ये मामला सामने आया था तो पीड़िता नाबालिग थी. वारदात के बाद वो डरी हुई थी और उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं. उसके परिवार को जान का खतरा था. कोर्ट ने कहा कि वो एक पावरफुल पर्सन (रसूखदार) से लड़ रही थी और इसी के चलते पीड़ित परिवार पर फर्जी केस भी लगाए गए.

ये भी पढ़ेंः उन्नाव रेप केस में कोर्ट ने CBI को जमकर लगाई फटकार, जानें वजह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज