11वीं में अब साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज भूल जाइए, आपके पास हैं ढेरों विकल्‍प

सांकेतिक तस्वीूर (file)
सांकेतिक तस्वीूर (file)

11वीं में सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वालों को अब परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है. क्‍योंकि सीबीएसई ने बने-बनाए पुराने रास्‍तों (साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज) से अलग छात्रों के लिए विकल्‍पों की भरमार कर दी है.

  • News18India
  • Last Updated: April 17, 2019, 4:07 PM IST
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10वीं का रिजल्‍ट आते ही जहां सपनों का संसार खुलता है. अगला कदम क्‍या हो? इसका असमंजस भी छात्रों के मन में होता है. 10वीं में अच्‍छे अंकों से पास होने के बावजूद भी सबसे ज्‍यादा कठिनाई छात्रों को 11वीं में विषय चुनने को लेकर आती है.

लेकिन 11वीं में सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वालों को अब परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है. क्‍योंकि सीबीएसई ने बने-बनाए पुराने रास्‍तों (साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज) से अलग छात्रों के लिए विकल्‍पों की भरमार कर दी है. खास बात यह है कि अन्‍य बोर्ड (यूपी बोर्ड या बिहार बोर्ड) से पढ़ाई करने वाले छात्र भी 11वीं में सीबीएसई बोर्ड में दाखिला लेने के बाद इन विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं.

जानी मानी शिक्षाविद और डीएलएफ स्‍कूल साहिबाबाद की प्रधानाचार्या सीमा जैरथ बताती हैं कि सीबीएसई ने 10वीं पास करने वाले बाद छात्रों के लिए बेहतरीन व्‍यवस्‍था की है. पहले की तरह अब किसी भी छात्र को तीन में से किसी एक स्‍ट्रीम में बंधकर पढ़ने की कोई जरूरत नहीं है.



छात्र अपनी रुचि वाले विषयों के कॉम्बिनेशन लेकर पढ़ाई कर सकता है. जैरथ कहती हैं कि सीबीएसई में पहले स्‍ट्रीम हुआ करती थीं, लेकिन अब कॉम्बिनेशन हैं. पहले साइंस स्‍ट्रीम का मतलब फिजिक्‍स, कैमिस्‍ट्री और मैथ्‍स या फिजिक्‍स कैमिस्‍ट्री और बायोलॉजी हुआ करता था. वहीं कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज में भी तय विषय थे.
लेकिन आज विषयों के सैट या कॉम्बिनेशन में छात्र मैथ्‍स के साथ बायोलॉजी, इकॉनोमिक्‍स के साथ बायोलॉजी या मैथ्‍स, बायोलॉजी के साथ थिएटर, कॉमर्स के साथ फैशन, पीसीएम के साथ साइकॉलोजी आदि की पढ़ाई आसानी से कर सकते हैं.

सीबीएसई में 11 वीं में दाखिला लेने वाले छात्र आज अपने सभी मनपसंद विषयों को पढ़ सकते हैं. वहीं इन सैट में पढ़ाई करने में मैरिट का भी हर जगह झंझट नहीं होता. ऐसे में छात्रों के सामने तीन स्‍ट्रीम का संकरा रास्‍ता नहीं है बल्कि खुला आसमान है.

जैरथ कहती हैं कि सीबीएसई ने विषय चुनने की सुविधा दी है, लेकिन सभी स्‍कूलों में सभी कॉम्बिनेशन सैट अभी शायद ही उपलब्‍ध हों. कुछ स्‍कूलों ने इस दिशा में बेहतर प्रयास किए हैं.
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