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Viral Fever के द‍िल्‍ली में बढ़ने लगे हैं मरीज, इस अस्पताल में फुल होने लगे ICU बेड

वायरल बुखार के बढ़ते मामलों से द‍िल्‍ली के अस्‍पतालों में बच्‍चों के बेड भी फुल होने लगे हैं. (File Photo)

वायरल बुखार के बढ़ते मामलों से द‍िल्‍ली के अस्‍पतालों में बच्‍चों के बेड भी फुल होने लगे हैं. (File Photo)

Viral Fever: उत्‍तर प्रदेश और ब‍िहार में बच्‍चों में रहस्‍यमयी बुखार व वायरल बुखार के बढ़ते मामलों से स्‍वास्थ्‍य सेवाएं चरमराने लगी हैं. वहीं वायरल बुखार के मामले अब द‍िल्‍ली में तेजी से बढ़ने लगे हैं. वायरल बुखार का पॉजिटिविटी रेट 2 फीसदी र‍िकॉर्ड से अब तेजी से बढ़ते हुये 7 फीसदी तक पहुंच गया है. द‍िल्‍ली सरकार के बच्चों के लिए बड़ा अस्पताल माने जाने वाले चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में आईसीयू बिस्तर फुल हो चुके हैं.

  • News18Hindi
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    नई द‍िल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और ब‍िहार (Bihar) में बच्‍चों में रहस्‍यमयी बुखार (Mystery Fever) व वायरल बुखार (Viral Fever) के बढ़ते मामलों से स्‍वास्थ्‍य सेवाएं चरमराने लगी हैं. वहीं इस वायरल बुखार के मामले अब द‍िल्‍ली (Delhi) में तेजी से बढ़ने लगे हैं. इन बढ़ते मामलों का असर इतना देखा जा रहा है क‍ि द‍िल्‍ली के अस्‍पतालों में बच्‍चों के बेड भी फुल होने लगे हैं. इन राज्‍यों के बाद अब दिल्ली में भी बच्चे वायरल बुखार की चपेट में तेजी से आने लगे हैं.

    इस तरह के बढ़ते मामलों के बाद अस्पतालों में ओपीडी (OPD) में भी मरीजों की संख्या भी अब सैकड़ों की बजाए हजारों में रिकॉर्ड की जा रही है. सामान्य तौर पर होने वाली ओपीडी में रज‍िस्‍ट्रेशन की संख्‍या तेज होने लगी है. इसके पीछे एक बड़ी वजह मौसमी ब‍ीमारी डेंगू, मलेर‍िया और च‍िगनगुन‍िया को भी माना जा रहा है.

    जानकारी के मुताबिक अभी तक वायरल बुखार का पॉजिटिविटी रेट 2 फीसदी र‍िकॉर्ड क‍िया जा रहा था. लेक‍िन अब यह तेजी से बढ़ते हुये 7 फीसदी तक पहुंच गया है. द‍िल्‍ली सरकार बच्चों के लिए बड़ा अस्पताल माने जाने वाले चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में आईसीयू बिस्तर फुल हो चुके हैं.

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    बताया जाता है क‍ि चाचा नेहरू बाल अस्‍पताल (Chacha Nehru Bal chikitsalaya) में अब आईसीयू बेड (ICU Beds) उपलब्‍ध नहीं हैं. मरीजों की बढ़ती संख्‍या की वजह से अस्‍पताल के आईसीयू बेड फुल हो चुके हैं. इसके अलावा द‍िल्‍ली के दूसरे अस्‍पतालों (Hospitals) में वायरल बुखार के मरीजों को लेकर भारी दवाब बना हुआ है. यूपी और ब‍िहार में इस बीमारी के तेजी से फैलने के बाद अब राजधानी के अस्‍पतालों में ओपीडी में मरीजों की संख्‍या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है.

    चाचा नेहरू अस्‍पताल प्रशासन की माने तो करीब एक से डेढ़ सप्‍ताह से वायरल बुखार के मामलों में तेजी र‍िकॉर्ड की जा रही है. वहीं डेंगू के मामले भी रफ्तार पकड़ रहे हैं. लेक‍िन द‍िल्‍ली के ल‍िये एक राहत की बात यह है क‍ि यूपी व ब‍िहार की तरह यहां पर यह बुखार रहस्‍यमयी नहीं है. यहां पर वायरल बुखार के रूप में ही मामले सामने आ रहे हैं ज‍िनका इलाज गंभीरता के साथ क‍िया जा रहा है.

    ओपीडी में हर रोज आ रहे 14 हजार मरीज
    अस्‍पतालों की मानें तो सामान्‍य तौर पर ओपीडी में 500 मरीजों की कंसल्‍टेंसी होती थी लेकिन अब यह संख्‍या आमतौर पर 12 से 14 हजार पहुंच गई है. इस तरह से लगातार बढ़ती संख्‍या कोरोना महामारी के दौरान काफी च‍िंताजनक और गंभीर होती जा रही है. कोरोना महामारी के चलते इस तरह के मरीजों का इलाज करना अस्‍पताल प्रशासन के ल‍िये बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. इसके पीछे एक बड़ी वजह यह है क‍ि इस बीमारी के ल‍िये उनकी काफी बारीकी से इलाज करना पड़ रहा है.

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    डेंगू व मलेर‍िया की जांच र‍िपोर्ट्स भी आ रहीं पॉज‍िट‍िव
    च‍िक‍ित्‍सा व‍िशेषज्ञों का मानना है क‍ि बुखार से पीड़ि‍त बच्‍चों का जब इलाज क‍िया जा रहा है तो उनमें से कुछ की जांच र‍िपोर्ट्स डेंगू व मलेर‍िया पॉज‍िट‍िव भी आ रही हैं. व‍िशेषज्ञों का यह भी कहना है क‍ि मूसलाधार बार‍िश की वजह से राजधानी में लगातार वाटर लॉग‍िंग की समस्‍या पैदा हो रही है. इसकी वजह से मच्‍छरजन‍ित बीमार‍ियां भी तेजी से बढ़ने लगी हैं.

    बच्‍चों के ल‍िये अस्‍पतालों में हैं कुल 3,200 बेड्स
    राजधानी द‍िल्‍ली में बच्‍चों के ल‍िये अस्‍पतालों में बेड्स की स्‍थित‍ि की बात करें तो इनकी कुल संख्‍या करीब 3,200 के आसपास है. इनमें से 2,300 से ज्‍यादा बेड्स सामान्‍य उपलब्‍ध हैं. वहीं 900 से ज्‍यादा बेड्स आईसीयू सुव‍िधा से लैस हैं. माना यह जा रहा है क‍ि अगर मामलों में और तेजी आती है तो बच्चों के ल‍िये अस्‍पतालों में बेड्स की उपलब्‍धता बहुत कम हो जाएगी.

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    कोरोना थर्ड वेव से बचाव को अस्‍पतालों में बढ़ाई जा रही सुव‍िधाएं
    बताते चलें कि द‍िल्‍ली में कोरोना की संभाव‍ित थर्ड वेव से बचाव के ल‍िये द‍िल्‍ली सरकार अस्‍पतालों में बेड्स के पर्याप्‍त इंतजाम करने में जुटी हुई है. एलएनजेपी अस्‍पताल के अलावा कई दूसरे सरकारी अस्‍पतालों में बच्‍चों के ल‍िये अलग से व्‍यवस्‍था वार्ड ब्‍लॉक बनाये जा रहे हैं. वहीं अस्‍पतालों में बेड्स की संख्‍या बढ़ाने का काम भी तेजी से क‍िया जा रहा है. अस्‍पतालों की र‍िमॉडल‍िंग योजना के तहत यह सभी काम क‍िये जा रहे हैं. सरकार कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान बनाये गए अस्‍थाई अस्‍पतालों में भी च‍िक‍ित्‍सा सेवाओं का लगातार प्रसार कर रही है.

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    सरकार की ओर से बढ़ते मामलों पर नहीं आई है अभी कोई प्रत‍िक्रिया
    इस बीच देखा जाए तो द‍िल्ली में वायरल फीवर की बढ़ते मामलों और अस्‍पतालों में आईसीयू बेड्स के फुल होने के मामलों को लेकर सरकार की ओर से अभी क‍िसी प्रकार की कोई प्रत‍िक्रिया सामने नहीं आई है. द‍िल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय या स्‍वास्‍थ्‍य न‍िदेशालय की ओर से इस संबंध में अस्‍पतालों में क‍िसी प्रकार के अत‍िर‍िक्‍त प्रबंध क‍िये जाने का कोई फैसला नहीं क‍िया गया है.

    एक बाद एक राज्‍य में बढ़ने लगे हैं वायरल बुखार के मामले
    जानकारी के मुताबिक उत्‍तर प्रदेश में अब तक रहस्‍यमयी बुखार व वायरल बुखार से 90 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं बड़ी संख्‍या में मरीज सामने आ रहे हैं. वहीं ब‍िहार में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई बड़े सरकारी अस्‍पतालों में हेल्‍थ स‍िस्‍टम ही बुरी तरह से चरमरा चुका है. इसके बाद अब च‍िंताजनक बात यह है क‍ि वायरल बुखार व रहस्‍मयी बुखार के मामले मध्‍य प्रदेश में आने शुरू हो गये हैं. एक बाद एक राज्‍य में इन मामलों का तेजी से बढ़ना भी राज्‍य सरकारों के ल‍िये मुश्क‍िल खड़ी करने वाले साबित होते नजर आ रहे हैं.

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