VIRAL VIDEO: बैरिकेड तोड़कर आगे निकले किसान, लेकिन ट्रैक्टर के सामने दीवार बन खड़ी हुई महिला पुलिसकर्मी

वायरल वीडियो में महिला पुलिसकर्मी किसानों के सामने डटी हुई है.

वायरल वीडियो में महिला पुलिसकर्मी किसानों के सामने डटी हुई है.

इंटरनेट पर एक जांबाज महिला पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह बैरिकेड तोड़ने वाले ट्रैक्टरों और हुड़दंगियों के आगे दीवार बन कर खड़ी हो गयी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2021, 5:27 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले किसानों ने ट्रैक्‍टर मार्च निकाला था. किसानों का यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसवालों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. प्रदर्शनकारी ऐतिहासिक लाल किला में भी घुस गए थे. इसी बीच इंटरनेट पर एक जांबाज महिला पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह बैरिकेड तोड़ने वाले ट्रैक्टरों और हुड़दंगियों के आगे दीवार बन कर खड़ी हो गयी है.

वायरल वीडियो में महिला किसानों के सामने डटी हुई है. वीडियो में महिला कह रही हैं कि मैं भी एक किसान की बेटी हूं, लेकिन जिसने मुझे ये वर्दी पहनाई है उसके साथ मैं दगा नहीं कर सकती हूं. इंस्पेक्टर पुष्पलता का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुष्पलता की जांबाजी के आगे हुड़दंग मचाने वाले लोगों को झुकना पड़ा. देखिये ये वीडियो...

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हिंसा भड़काने वाले 6 संदिग्‍धों की पहचान करने का दावा
वहीं दिल्‍ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने हिंसा भड़काने वाले 6 संदिग्‍धों की पहचान करने का दावा किया है. पुलिस ने 200 से ज्‍यादा वीडियो फुटेज के आधार पर इनकी पहचान की है.  इन 6 संदिग्धों की फुटेज के आधार पर हिंसा भड़काने को लेकर अहम भूमिका सामने आ रही है. फुटेज के आधार पर इन सभी तलाश की जा रही है.  दरअसल, पुलिस के पास जो तमाम सीसीटीवी और वीडियो मौजूद हैं, उनकी जांच के बाद इन 6 उपद्रवियों के बारे में पुलिस को पता चला है. अब इनकी तलाश तेज कर दी गई है.

किसान नेताओं का भड़काऊ वीडियो होने का भी दावा





उपद्रवियों की पहचान करने सुनिश्चित करने में पुलिस ने जनता की भी मदद मांगी है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि हिंसा के दौरान जिन लोगों ने भी मोबाइल कैमरे से वीडियो बनाए हैं, वो पुलिस को दें. अब तक पुलिस को 200 से ज्यादा फुटेज मिल चुकी है. जांच के दौरान पुलिस को कुछ किसान नेताओ के वीडियो भी मिले हैं जो भड़काऊ भाषण दे रहे थे. उनके वीडियो की जांच की जा रही है.

किसान आंदोलन जब से शुरू हुआ तब से लेकर 26 जनवरी तक जितने भी व्हाट्सएप ग्रुप बने हैं, उन सभी की जांच की जा रही है. दरअसल, जांच के दौरान सामने आया है कि कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स में किसान आंदोलन को भड़काने का काम किया गया.
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