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Delhi Water Crisis: दिल्ली में गहरा सकता है जल संकट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की पानी उत्पादन क्षमता 40 फीसदी घटी

हरियाणा की ओर से दिल्ली को फिलहाल 120 एमजीडी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है. (File Photo)

हरियाणा की ओर से दिल्ली को फिलहाल 120 एमजीडी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है. (File Photo)

Delhi Water Crisis: हरियाणा से कम पानी मिलने की वजह से चंद्रवाल उपचार जल संयंत्र की क्षमता 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी, वजीराबाद प्लांट की 135 एमजीडी से घटकर 80 एमजीडी और ओखला प्लांट की 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी रह गई है. पानी पूरा नहीं आने से प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम होती जा रही है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली को डिमांड से कम पानी मिलने की वजह से एक बार फिर से जल संकट (Water Crisis) का सामना करना पड़ सकता है. हरियाणा (Haryana) की ओर से दिल्ली को मांग के मुताबिक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. हरियाणा की ओर से दिल्ली को फिलहाल 120 एमजीडी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है. इसके चलते राजधानी दिल्ली में जल संकट गहराने लग गया है.

    इस बीच दिल्ली में पानी के संकट को लेकर विपक्ष भी पूरी तरीके से केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर हमलावर हो गया है. दिल्ली के कई हिस्सों में लगातार विपक्षी पार्टियां विरोध प्रदर्शन कर पानी की पर्याप्त सप्लाई की मांग कर रही है. दिल्ली के कई इलाकों में जलापूर्ति भी काफी कम हो गई है.

    दिल्ली में पानी का उत्पादन 245 MGD से घटकर 150 से 145 MGD हुआ
    जानकारी के मुताबिक दिल्ली में वजीराबाद पोंड पर यमुना नदी का स्तर 674.5 फीट होना चाहिए. उसमें अगर एक फीट की भी कमी आ जाए तो पूरी दिल्ली में त्राहिमाम मच जाता है. जबकि यमुना का जल स्तर घटकर 667 फीट पर आ गया है. लेकिन लगातार गिरते जलस्तर की वजह से दिल्ली में पानी का उत्पादन 245 एमजीडी से घटकर 150 से 145 एमजीडी हो गया है.

    ये भी पढ़ें : दिल्ली BJP अध्यक्ष के घर की जलापूर्ति रोकने पहुंचे AAP के कार्यकर्ता लिए गए हिरासत में

    वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम हुई
    हरियाणा से कम पानी मिलने की वजह से चंद्रवाल उपचार जल संयंत्र की क्षमता 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी, वजीराबाद प्लांट की 135 एमजीडी से घटकर 80 एमजीडी और ओखला प्लांट की 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी रह गई है. पानी पूरा नहीं आने से वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम होती जा रही है.

    सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार और मेमोरंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग समेत अन्य कई कानूनी जिम्मेदारियों के तहत हरियाणा को, दिल्ली को पानी देना होता है. लेकिन दिल्ली सरकार और हरियाणा के बीच पानी को लेकर हमेशा तकरार बनी रहती है.

    दिल्ली सरकार का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दिल्ली का पानी हरियाणा ने रोका है, जबकि पानी को लेकर कई दशक पहले संधि पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं. यमुना नदी में पानी का स्तर हमेशा कम रहता है क्योंकि दिल्ली को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा हरियाणा ने रोक लिया है.

    सुप्रीम कोर्ट का फिर दरवाजा खटखटाएगी दिल्ली सरकार
    दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा का कहना है कि हरियाणा सरकार (Haryana Government) द्वारा दिल्ली की जलापूर्ति रोकने पर दिल्ली सरकार (Delhi Government) सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने का आग्रह करेगी.

    लैंडलॉक शहर दिल्ली के पास अपनी कोई वाटर बॉडी नहीं 
    चड्ढा का कहना है कि लैंडलॉक शहर दिल्ली के पास अपनी कोई वाटर बॉडी नहीं है. दिल्ली हमेशा से पानी की आपूर्ति के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर रहा है. दिल्ली ने कई दशक पहले पड़ोसी राज्यों के साथ संधियां साइन की हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी के जरिए, हरियाणा सरकार यमुना नदी के माध्यम से और पंजाब की सरकार भाखड़ा नागल से दिल्ली वालों को निर्धारित पानी देगी.

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    VVIP के अलावा कई बड़े इलाकों में नहीं हो पा रही पर्याप्त जलापूर्ति
    दिल्ली के कई बड़े इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो रही है जिसमें एनडीएमसी एरिया आता है, वीवीआईपी, वीआईपी एरिया भी आता है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से लेकर प्रधानमंत्री निवास हैं, राष्ट्रपति भवन से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट है. बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय दूतावास हैं, यह सारी जगह इसमें आती हैं. इसके साथ-साथ सेंट्रल दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली के कई बड़े इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हुई है. दिल्ली के लिए हरियाणा की तरफ से यमुना नदी से सबसे ज्यादा पानी आता है.

    जल बोर्ड का दावा पानी की पीक डिमांड को किया पूरा
    दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि हर गर्मियों में दिल्ली के पानी का कुल उत्पादन 900 या 920 एमजीडी हुआ करता था. इस बार दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने रिकॉर्ड पानी का उत्पादन करते हुए इस आंकड़े को 945 एमजीडी तक पहुंचा दिया है. जैसे दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड आई और दिल्ली सरकार ने उसे पूरा किया. वैसे ही दिल्ली में जब पानी में पीक डिमांड आई, तो 945 एमजीडी तक पानी का उत्पादन कर लोगों के घरों तक पहुंचाया है. लेकिन आज उस आंकड़े में 100 एमजीडी की गिरावट देखी जा रही है.

    केजरीवाल के पास पानी स्टोर करने की व्यवस्था नहीं: हरीश खुराना
    बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हरीश खुराना ने पानीं के मसले पर केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर झूठ और भ्रम की राजनीति का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि हरियाणा से पहले से ज्यादा पानी आने के बावजूद उसे संभालने की व्यवस्था दिल्ली सरकार के पास नहीं है. सरकार उस पानी को बहा रही है और उसका आरोप दूसरे पर लगा रही है.

    खुराना ने कहा कि जब से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि सोमवार को जल बोर्ड के अध्यक्ष सतेंद्र जैन के घर का पानी कनेक्शन भाजपा काटेगी तब से पूरी आम आदमी पार्टी के मंत्री और अधिकारी बौखला गए हैं.

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