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दिल्ली में 147 स्थानों पर जलजमाव से निपटने का क्या है उपाय? मंथन करेंगे PWD के इंजीनियर

दिल्ली में 147 स्थानों पर जलजमाव से निपटने का क्या है उपाय? मंथन करेंगे PWD के इंजीनियर

दिल्ली में बारिश के बाद आईटीओ के पास सड़क पर जलजमाव का दृश्य. (फाइल फोटो)

दिल्ली में बारिश के बाद आईटीओ के पास सड़क पर जलजमाव का दृश्य. (फाइल फोटो)

Delhi Water Logging Problem: दिल्ली में जरा सी बारिश में भी मिंटो रोड ब्रिज जैसे कई स्थानों पर होने वाले जलजमाव की समस्या का हल तलाशने की कवायद. सीसीटीवी कैमरे, पंपसेट लगाने या रूट डायवर्जन जैसे उपायों से स्थायी समाधान की हो रही तलाश.

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    नई दिल्ली. मामूली बारिश में भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ‘पानी-पानी’ क्यों हो जाती है? राजधानी के मिंटो ब्रिज, जंगपुरा बाइपास जैसे दर्जनों इलाकों में बारिश के पानी की तुरंत निकासी क्यों नहीं हो पाती है? दिल्ली में सड़कों-गलियों पर जलजमाव से जुड़ी तमाम समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर अब लोक निर्माण विभाग (PWD) गंभीर हो रहा है. इसके तहत दिल्ली के 147 संवेदनशील स्थानों पर जलजमाव की समस्याओं से निपटने के उपायों पर विभाग के इंजीनियर जल्द ही मंथन करने वाले हैं.

    इस साल मानसून की शुरुआत से पहले, पीडब्ल्यूडी ने कुछ महत्वपूर्ण स्थानों के लिए अस्थायी और स्थायी समाधान दिए थे. राजधानी के नालों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे ब्रिटिश काल में बनाए गए थे और उनमें बढ़ती आबादी से उत्पन्न समस्या से निपटने की क्षमता नहीं है. इस साल की शुरुआत में लागू किए गए कुछ समाधानों में पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाना, सीसीटीवी कैमरे लगाना और अतिरिक्त पंप स्थापित करना शामिल था. मिंटो ब्रिज पर बारिश के पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर अस्थायी समाधान लागू किए गए थे.

    महत्वपूर्ण स्थानों पर लागू किए गए समाधान अन्य स्थानों के लिए जारी दिशा-निर्देशों के एक सेट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि हर स्थान अलग है और उसकी अलग-अलग जरूरतें होंगी. अधिकारी ने कहा, “सभी स्थानों के लिए स्थायी समाधान लागू करना संभव नहीं हो सकता है. हालांकि, कुछ जगहों की अपनी बुनियादी समस्याएं हैं, जिन्हें कम किया जा सकता है. हम एक अतिरिक्त निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं. इसके माध्यम से किसी स्थान पर निश्चित संख्या में पंपों पर हम केंद्रीकृत स्थान से नजर रख सकते हैं. इस तरह, हम वास्तव में जान सकते हैं कि कितने पंप चल रहे हैं. हम जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अस्थायी पंप भी लगा सकते हैं.”

    ट्रैफिक पुलिस द्वारा दी गई जानकारी की मदद से विभाग हर साल संवेदनशील स्थानों की सूची तैयार करता है. इस वर्ष, 147 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई थी. आपको बता दें कि मिंटो ब्रिज, जंगपुरा बाइपास समेत दिल्ली में कई स्थानों पर मामूली बारिश के बाद ही सड़कों पर जलजमाव हो जाता है. पिछले दिनों लगातार बारिश से तो इन स्थानों की हालत और भी खराब हो गई थी. दिल्ली सरकार ने जलजमाव से निपटने के लिए कई जगहों पर पंपसेट भी लगाए थे, लेकिन भारी बारिश से हुए जलजमाव में ये भी कुछ खास काम नहीं आए.

    Tags: Delhi Government, Delhi police, Delhi Rain, Water logging

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