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पेयजल समस्या ने संगम बिहार इलाके में आप और एनडीए (JDU) के उम्मीदवारों के पसीने छुड़ाए
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Updated: February 11, 2020, 11:06 AM IST
पेयजल समस्या ने संगम बिहार इलाके में आप और एनडीए (JDU) के उम्मीदवारों के पसीने छुड़ाए
पेयजल समस्या ने संगम बिहार इलाके में आप और एनडीए (JDU) के उम्मीदवारों के पसीने छुड़ाए (डिजाइन फोटो)

संगम विहार (Sangam Vihar) में आने-जाने के लिए सिर्फ दो रास्ते हैं दोनों की हालत खराब है. इसी के साथ साथ क्षेत्र में पीने के पानी (Drinking Water) और टैंकर माफिया का मुद्दा सबसे बड़ा है.

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  • Last Updated: February 11, 2020, 11:06 AM IST
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(खुर्रम शाहजाद)

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा का संगम विहार इलाका (Sangam Vihar Area) दक्षिण दिल्ली क्षेत्र के तहत आता है. दक्षिण दिल्ली पॉश और दौलतमंद लोगों का इलाका माना जाता है लेकिन इस सब के विपरीत संगम विहार गरीब और मजदूर तबके का क्षेत्र है. यहां के ज्यादातर वोटर (Voters) छोटे कारोबारी और नौकरी पेशा लोग हैं. संगम विहार में काफी बड़ी आबादी है लेकिन बुनियादी सुविधाओं की अगर बात करें तो यहां पर सालों से दिक्कतों का सामना करने पर जनता जनार्दन मजबूर होकर रह गई है.

संगम विहार के अहम मुद्दे
देखा जाए तो क्षेत्र के सबसे बड़े मुद्दों में चलने के लिए रास्ते सड़कें और पानी निकासी का इंतजाम सबसे बड़े मुद्दे हैं अभी भी संगम विहार का इलाका आधे से ज्यादा खुदा पड़ा है. संगम विहार में आने जाने के लिए सिर्फ दो रास्ते हैं दोनों की हालत खराब है. इसी के साथ साथ क्षेत्र में पीने के पानी और टैंकर माफिया का मुद्दा सबसे बड़ा है, हालांकि पिछले 5 सालों में कुछ इलाके में पानी पहुंच जरूर गया है लेकिन गंदा पानी आने की शिकायत अभी भी है. दो दिन में एक बार पानी यहां पर पीने के लिए सप्लाई के तौर पर आ रहा है. इसके साथ ही पिछले 5 सालों में पानी निकासी के बड़े मुद्दे पर काम होता दिखाई दिया. संगम विहार के दोनों रास्तों के दोनों तरफ नाले बनवाए गए हैं, लेकिन सड़क अभी तक नहीं बन सकी है. जब भी बारिश होती है तो हालात बद से बदतर हो जाते हैं.

विकास बड़ा मुद्दा
देखा जाए तो बड़ी आबादी घनी आबादी वाला क्षेत्र काफी उपेक्षित है. कांग्रेस की सरकार दिल्ली में 15 साल सरकार रही और क्षेत्रों में बहुत से काम के दावे भी किये गये. लेकिन इस क्षेत्र में ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि प्लानिंग के साथ यहां बहुत कुछ किया गया हो. विकास के काम न होने के कारण यहां चुनाव में शाहीन बाग और नागरिकता कानून को भी मुद्दा बनाने की कोशिश की गई. हालांकि यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या बहुत प्रभावी नहीं है. फिर भी चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए उम्मीदवार की तरफ से शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन का बार बार जिक्र किया गया. फिर भी यहां के मतदाताओं के लिए ज्यादा बड़ा मुद्दा विकास का ही रहा है.

विकास कार्यों के आधार पर नतीजेयहां के लोग जब आस पास के इलाकों में विकास के भारी-भरकम काम देखते हैं और फिर अपनी समस्याओं से जूझते हैं तो उन्हें निराशा ही होती है. इस लिहाजा से कहा जा सकता है कि संगम बिहार के नतीजे दरअसल विकास कार्यों पर जनता का फैसला है.

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First published: February 11, 2020, 11:04 AM IST
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