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दिल्ली में दूर होगी पानी की किल्लत, जलापूर्ति के लिए बनेगा रोड मैप, जल बोर्ड बना रहा है ये प्लानिंग

वाइस चेयरमैन की ओर से सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रबंधन पर सख्त निर्देश दिए गए हैं. (सांकेतिक फोटो)

सभी 70 विधानसभा क्षेत्र में रैपिड रिस्पांस दल गठित किये जाएंगे. जल बोर्ड अधिकारियों को शिकायतों के समाधान और इसके लिए आपातकालीन रिस्पांस टीम गठित करने के विशेष निर्देश भी दिए गए हैं. वाइस चेयरमैन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रबंधन की विशेष समीक्षा भी की है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में मानसून (Monsoon) आने में अभी और वक्त लगेगा. राजधानी वासियों को अभी गर्मी और उमस का दंश झेलना होगा. साथ ही पीने के पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से आम जनता को परेशानी भी उठानी होगी. लेकिन इससे निपटने के लिये दिल्ली सरकार (Delhi Government) रोड मैप तैयार कर रही है. इसको लेकर दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) के अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं.

    उधर, भीषण गर्मी के चलते दिल्ली में पानी की किल्लत को लेकर केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) विपक्ष के निशाने पर भी है. आए दिन भाजपा की ओर से पानी की सप्लाई कम होने और दूषित पानी मिलने के खिलाफ विधानसभाओं, जल बोर्ड के जोनल कार्यालयों और सीएम आवास पर प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं. यह धरना-प्रदर्शन खासकर भाजपा शासित विधानसभाओं में ज्यादा किए जा रहे हैं.



    दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के वाइस चेयरमैन राघव चड्ढा (Raghav Chadha) की माने तो सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए पानी नहीं मिलने की शिकायतें लोगों की ओर से की जा रही है. साथ ही क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति (Dirty Water Supply) और कम पानी मिलने के अलावा अन्य शिकायतें भी मिल रही हैं. इन सभी शिकायतों को जल बोर्ड (Jal Board) अधिकारी गंभीरता से लेते हुए इनका तुरंत निवारण करने का काम करें.

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    बताते चलें कि राघव चड्ढा ने हाल ही में भीषण गर्मी को देखते हुए दिल्ली में जलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम हाई लेवल मीटिंग भी की थी.

    मीटिंग में जल बोर्ड की ओर से हर विधानसभा (Assembly) क्षेत्र में रैपिड रिस्पांस दल (Rapid Response Team) गठित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए. इसके अलावा जल बोर्ड अधिकारियों को शिकायतों के समाधान और इसके लिए आपातकालीन रिस्पांस टीम (Emergency Response Team) गठित करने के विशेष निर्देश भी दिए गए हैं. चड्डा ने सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रबंधन की विशेष समीक्षा भी की है.

    दिल्ली जल बोर्ड अधिकारियों को इन मुद्दों पर खास बल देने के निर्देश
    -दिल्ली के भीतर उपलब्ध पानी का पाइप और टैंकर द्वारा समान वितरण.

    -निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर पानी की कमी और दूषित पानीकी विधायक और वार्ड स्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर प्राप्त शिकायतों को कम करने के लिए एक आपातकालीन रेस्पॉन्स टीम का गठन.

    जनसंख्या और प्रति व्यक्ति उपयोग आदि महत्वपूर्ण मानकों के मॉडल के आधार पर राजधानी में पानी की आपूर्ति का रोड मैप बनाने की जरुरत महसूस की गई है. इसी से अधिकतम उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई जा सकती है.

    इसके अलावा जल बोर्ड को उपलब्ध होने वाले कच्चे पानी की आपूर्ति के लिए पाइप नेटवर्क या अतिरिक्त टैंकर के माध्यम से समान आपूर्ति का तरीका खोजने की भी जरूरत महसूस की गई है. साथ ही जल बोर्ड अधिकारियों को बिना किसी देरी के शिकायतों का तुरंत निपटारा करने के निर्देश भी वाइस चेयरमैन की ओर से दिए गए हैं.

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    सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रबंधन पर सख्त निर्देश देते हुये कहा गया है कि किसी भी अधिकारी के किसी भी प्रकार के ढुलमुल रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गंदे पानी की शिकायत, पानी की लाइन में लीकेज, कम दबाव वाला पानी, पानी की आपूर्ति नहीं होने, पानी की बर्बादी रोकने आदि पर विशेष बल दिया जाए.

    सभी मुख्य अभियंताओं को क्षेत्र के विधायकों के साथ-साथ अपने संबंधित क्षेत्रों का दौरा करने की आवश्यकता भी जताई गई है. पानी से जुड़े सभी मुद्दों को हल करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिये गये हैं.

    हर विधानसभा में डिमांड एवं सप्लाई के बीच अंतर का लगाया जाएगा पता
    इस बीच देखा जाए तो दिल्ली जल बोर्ड हर निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से नियमित जल बोर्ड को मिले पाने का विश्लेषण करेगा ताकि यह पता चल सकेगा कि कितना पानी मिला है, मांग और आपूर्ति के बीच कितना अंतर है? जिन क्षेत्रों से गंदे पानी की आपूर्ति, पानी की आपूर्ति नहीं होने और पानी की कम आपूर्ति आदि के संबंध में सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं, उन शिकायतों को जल्द दूर करने का काम भी किया जाएगा.

    दिल्ली जल बोर्ड को उपभोक्ताओं की ओर से मिलने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए चीफ इंजीनियर और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर की आपातकालीन रिस्पांस टीम की तैनाती की जाएगी. यह सभी अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलने और साइट दौरे के बाद विशेष कार्य योजनाओं का प्लान तैयार करेंगे.

    पानी के प्रवाह को मापने के लिए फ्लो मीटर आवश्यक
    फ्लोमीटर लगाने के मामले पर भी वाइस चेयरमैन गंभीर हैं. उनका कहना है कि किसी विशेष बिंदु से पानी के प्रवाह को मापने के लिए फ्लो मीटर आवश्यक हैं. ये जल ऑडिटिंग और रिसाव के नुकसान को कम करने में मदद करते हैं. वे पीने योग्य पानी की आपूर्ति के नुकसान को कम करने के साथ-साथ उचित प्रबंधन में भी मदद करते हैं. इसके अलावा किसी भी संभावित रिसाव का पता लगाने में मदद करते हैं.

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    जल बोर्ड के पानी को पीकर दिखाएं केजरीवाल: विजय गोयल 
    ‘जल जन आन्दोलन’ चला रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री व  दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को चुनौती दी है कि वे जल बोर्ड के सप्लाई के पानी को पीकर दिखा दें. पानी इतना गंदा है कि वो भी नहीं पी सकते. गोयल का कहना है कि राजधानी के कई इलाकों में दिल्ली जल बोर्ड से गुस्साए व्यक्तियों ने दिल्ली पुलिस को फोन करके भी गंदे पानी की शिकायत कीं.

    कोविड के समय में जब लोग पहले ही बीमारियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में केजरीवाल सरकार अगर जल बोर्ड से गंदा पानी देगी तो बीमारियां और फैलेंगी. कुछ इलाकों में जहां पहले पानी आधा घंटा आता था, वहां अब सिर्फ 15 मिनट ही आ रहा है, और वो भी एक ही समय.

    सदर विधानसभा में ही 13 जगहों पर गंदे पानी की सप्लाई: जय प्रकाश 
    नार्थ दिल्ली के पूर्व मेयर जय प्रकाश का कहना है कि सदर विधानसभा क्षेत्र में ही कम से कम 13 जगह पर पानी काफी गंदा आ रहा है. जिनमें शास्त्री नगर, सदर, किशनगंज, आनंद पर्वत और इंडस्ट्रीयल एरिया आदि कई क्षेत्र हैं. इलाकों में पानी की भारी कमी की वजह से भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा तीन बड़ी समस्याएं हैं - एक टैंकर माफिया, दूसरी गंदा पानी और तीसरी पानी की कमी. जिन पर केजरीवाल सरकार ध्यान नहीं दे रही.

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