Weather Alert: दो घंटे में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित इन शहरों में तूफान की संभावना, चलेगी धूल भरी आंधी और बारिश

दिल्ली में वक्त से पहले पहुंचेगा मॉनसून. (फाइल फोटो)
दिल्ली में वक्त से पहले पहुंचेगा मॉनसून. (फाइल फोटो)

अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 24 जून या 25 जून तक उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकतर हिस्सों में पहुंच जाएगा. अगले 48 घंटों के दौरान राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी मध्य के कुछ हिस्सों में प्री-मॉनसून बारिश हो सकती है. इसके बाद झमाझम बारिश देखने को मिलेगी.

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नई दिल्ली. मौसम ने एक बार फिर करवट बदला है. संभावना जताई जा रही है दो घंटे के भीतर बागपत, मध्य, पूर्व, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट, नार्थ वेस्ट, शहादरा, सोनीपत में तेज हवा के साथ धूल भरी आंधी चलेगी और तेज बारिश होने की संभावना है. शुक्रवार देर रात दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana), राजस्थान (Rajasthan) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) में प्री-मॉनसून (Pre-monsoon) की बारिश हुई है. उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ-साथ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. इस समय मध्य पाकिस्तान से पूर्वी भारत तक एक टर्फ बनी हुई है. इससे पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी से आने लगी हैं.

अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 24 जून या 25 जून तक उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकतर हिस्सों में पहुंच जाएगा. इससे पहले अगले 48 घंटों के दौरान राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी मध्य के कुछ हिस्सों में गरज और धूल भरी आंधी के साथ प्री-मॉनसून बारिश हो सकती है. इसके बाद झमाझम बारिश देखने को मिलेगी.





देश में अब तक 20% अधिक बारिश
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का अब तक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. 1 जून से 20 जून के बीच देश में सामान्य से 20 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है. उत्तर-पश्चिम भारत जहां एक हफ्ते पहले तक काफी आगे था, अब यहां बारिश महज एक फीसद अधिक रह गई है. मॉनसून अभी तक देश के उत्तर-पश्चिमी भागों में नहीं पहुंचा है. हालांकि रुक-रुक कर प्री-मॉनसून बारिश होती रही है.

16 जून से उत्तरी रेखा पर सुस्ता रहा है मॉनसून

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2020 की अब तक की प्रगति बहुत अच्छी रही है. मॉनसून समय से पहले गुजरात पहुंचा. समय से पहले इसने मध्य प्रदेश में दस्तक दी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते भर पहले इसका आगमन हुआ. मॉनसून की उत्तरी सीमा 16 जून को कांडला, अमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर और बहराइच तक पहुंच गई थी. पिछले 5 दिनों से इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है. 20 जून तक भी मॉनसून इन्हीं जगहों पर टिकी रही है. अब स्थितियां मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बन रही हैं. स्काईमेट का आकलन है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र आगे बढ़ेगा, यही सिस्टम मॉनसून को फिर से आगे बढ़ाएगा. जल्द ही मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे सकता है.

अब तक बारिश की चाल रही है बेहतर

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अब तक सामान्य से 8 फीसद अधिक बारिश हुई है. पूर्वोत्तर भारत में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश कम हुई है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. पूर्वोत्तर राज्य भारत के सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्र हैं दक्षिणी प्रायद्वीप में भी 14 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है. तमिलनाडु और लक्षद्वीप दक्षिण भारत के कम वर्षा वाले क्षेत्र हैं. देश के मध्य भागों में अब तक मॉनसून ने अच्छी बारिश दी है. यहां सामान्य से लगभग 80 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है. मध्य भारत में विदर्भ और ओड़ीशा को छोड़कर बाकी सभी भागों में सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिली है.
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