राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना में क्या फंसे हैं पेंच, जानि‍ए केजरीवाल सरकार ने एलजी को फिर क्यूं भेजी है फाइल?

केजरीवाल सरकार राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना को किसी भी सूरत में लागू करने की पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है. (File Photo)

दिल्ली सरकार का कहना है कि उचित दर दुकान (FPS) दुकानों में ई-पोस (Electronic Point of Sale) उपकरणों की स्थापना और ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड को लागू करना भी इसमें शामिल किया गया है. इसलिए, इस योजना को केंद्र सरकार के एनएफएसए के तहत राज्य सरकारों को प्रदान किए गए दायित्वों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Government) राशन की डोर स्टेप होम डिलीवरी योजना (Door Step Home Delivery Scheme) को किसी भी सूरत में लागू करने की पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है. केंद्र के इनकार के बाद भी दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने फिर एक बार फाइल को मंजूरी दिलाने के लिए एलजी (Lieutenant Governor)  को संबंधित फाइल भेजी है. फाइल को भेजते हुए कई अहम बातों का जिक्र करते हुए इस को मंजूरी देने की गुहार लगाई है.

    जानकारी के मुताबिक डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना को लागू करने पर एलजी की ओर से आपत्तियां लगाई गईं हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन आपत्तियों का एक बार फिर से जवाब देते हुए कहा है कि यह योजना कानून के मुताबिक है. और यह योजना केंद्र सरकार के आदेशों का पालन करने के लिए लागू की गई है.

    कोरोना का नई योजना को रोकना बताया गलत
    करोना काल में इस योजना को रोकना गलत है. इसे लागू कर राशन की दुकानों पर लगने वाली भीड़ से बचा जा सकता है. सीएम ने कहा है कि पिछले तीन साल में चार बार एलजी को राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना को लेकर कैबिनेट के निर्णय की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया.

    फरवरी में योजना लागू करने के नोटिफिकेशन पर नहीं जताई थी एलजी ने आपत्ति
    बीते फरवरी माह में इस योजना को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन किया गया, तब भी एलजी ने विरोध नहीं किया. हमने केंद्र सरकार की सभी आपत्तियों को दूर किया और हाईकोर्ट ने अपनी पांच बार की सुनवाई के दौरान इस पर स्टे नहीं लगाया. साथ ही, कोर्ट केस के दौरान केंद्र सरकार ने कभी किसी अनुमोदन के बारे में नहीं बताया, फिर इस योजना को क्यों रोका जा रहा है?

    सीएम ने कहा- डोर स्टेप योजना पर एलजी को हुई गलतफहमी
    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी की फाइल एलजी के पास दोबारा भेजते हुए उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी जवाब दिया है. सीएम ने कहा है कि मैंने उप-राज्यपाल के नोट का अध्ययन किया है. जिसमें एक गंभीर गलतफहमी प्रतीत होती है. एलजी के समक्ष तात्कालिक मामला राशन की डोरस्टेप डिलीवरी स्कीम को मंजूरी नहीं है. यह योजना पहले ही अंतिम रूप ले चुकी है.

    यह भी पढ़ें : Corona Crisis Update: दिल्ली सरकार ने 3 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त में बांटा राशन

    केंद्र सरकार की आपत्तियों को दूर किया गया
    दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार की ओर से 19 मार्च, 2021 को एक पत्र मिला, जिसमें इस योजना के नाम पर आपत्ति जताई गई है. हालांकि यह कानूनी रूप से जरूरी नहीं था, लेकिन किसी भी विवाद से बचने के लिए कैबिनेट की 24 मार्च, 2021 को हुई बैठक में योजना का नाम पूरी तरह से हटा दिया गया.

    एलजी की आपत्तियों पर सरकार ने दि‌या ये स्पष्टीकरण
    सीएम केजरीवाल का कहना है कि एलजी द्वारा इस मामले को केंद्र सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजने का आग्रह सही नहीं लगता है. केन्द्र सरकार की मंजूरी न तो अनिवार्य है और न ही आवश्यक है. हमने केवल केन्द्र सरकार के आदेशों को लागू किया है.

    होम डिलीवरी योजना शुरू करने की तत्काल जरूरत
    सीएम का कहना है कि महामारी की पहली लहर के दौरान लाभार्थी मिलों (आटा चक्की) के बंद होने के कारण गेहूं का उपयोग नहीं कर पाए थे. इन्हें राशन की दुकानों से गेहूं मिला. लेकिन लाॅकडाउन के चलते आटा चक्की बंद होने के कारण गेहूं को आटे में बदलवा नहीं पाए. ऐसे में, गेहूं की जगह आटा वितरित करने के निर्णय से इस समस्या का समाधान हो सकेगा, क्योंकि कोरोना महामारी के खत्म होने का अंदाजा लगाना अभी मुश्किल है.

    यह बताया जा रहा है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं. इस दौरान माता-पिता और अभिभावकों को एफपीएस की दुकानों पर जाने के लिए मजबूर करने से बच्चों को वायरस का खतरा हो सकता है और परिणाम स्वरूप बच्चे अधिक असुरक्षित हो सकते हैं. ऐसे में यह जरूरी है कि जब तक पर्याप्त संख्या में लोगों को वैक्सीन नहीं लग जाती है, तब तक लोगों को सार्वजनिक सेवाएं घर पर ही पहुंचाई जा सकती है.

    दिल्ली सरकार का यह भी तर्क है कि यदि कोई राज्य सरकार अपनी पूरी आबादी को होम डिलीवरी का लाभ देना चाहती है, तो केंद्र सरकार को आपत्ति क्यों है? दूसरी बात यह है कि इसके लागू होने के बाद राशन की चोरी, मिलावट और कालाबाजरी आदि समस्या समाप्त हो जाएगी.

    राशन की डोरस्टेप डिलीवरी की प्रमुख विशेषताएं
    इस योजना का एकमात्र उद्देश्य लाभार्थियों के घर पर गेहूं के बदले आटा, साफ चावल और चीनी की डिलीवरी सुनिश्चित करना है, जो दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) देखरेख में किया जाएगा.

    खास विशेषताएं इस प्रकार:-
    1- एफपीएस के लिए प्रसंस्करण और परिवहन - पहले चरण के तहत खाद्यान्न को एफसीआई के गोदामों से उठाया जाएगा और एफएसएसएआई के अनुसार गेहूं को आटे में बदल कर, साफ चावल व चीनी की पैकिंग की जाएगी. इसके बाद एजेंसी दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (डीसीसीडब्ल्यूएस) द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाएगी.

    2- डोरस्टेप डिलीवरी- दूसरे चरण के तहत अन्य पैनल में शामिल एजेंसियां पैकेट बंद राशन लाभार्थियों के घर पहुंचाएगी, जो डोरस्टेप डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं. परिवहन लागत या सफाई और पिसाई के नुकसान की लागत का भुगतान लाभार्थी द्वारा नहीं किया जाएगा. उनसे केवल गेहूं से आटा बनाने का 2 रुपये प्रति किग्रा की दर से रूपांतरण शुल्क लिया जाएगा. पैक्ड राशन ई-पीओएस मशीन के जरिए बायोमेट्रिक मिलान के बाद ही लाभार्थी को राशन दिया जाएगा.

    3- लोगों की शिकायतों का समाधान करने के लिए एक कॉल सेंटर भी बनाने की योजना है. होम डिलीवरी करने के लिए पैनल में शामिल एजेंसी लाभार्थी आउटरीच कार्यक्रम भी चलाएंगी. पारदर्शिता सुनिश्चित करने और चोरी आदि को रोकने के लिए हर स्तर पर बारीकी से निगरानी की जाएगी. एफसीआई के गोदामों से खाद्यान्न उठाने, मिलिंग, पैकेजिंग से लेकर डिलीवरी तक का पूरा संचालन सीसीटीवी की निगरानी में किया जाएगा और जीपीएस लगे वाहनों में परिवहन किया जाएगा

    उड़ीसा व आंध्र ने तैयार किया डोरस्टेप डिलीवरी का मॉडल, हरियाणा में होम डिलीवरी शुरू
    दिल्ली सरकार का दावा है कि उड़ीसा और आंध्र प्रदेश ने पहले ही डोरस्टेप डिलीवरी का मॉडल तैयार कर लिया है, जबकि हरियाणा के फरीदाबाद में राशन की होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है. साथ ही, अंबाला और करनाल में आटा वितरित किया जा रहा है.

    इस योजना में 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' योजना को लागू करना भी शामिल

    दिल्ली सरकार का कहना है कि उचित दर दुकान (एफपीएस) दुकानों में ई-पोस (Electronic Point of Sale) उपकरणों की स्थापना और ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card) को लागू करना भी इसमें शामिल किया गया है. इसलिए, इस योजना को केंद्र सरकार के एनएफएसए के तहत राज्य सरकारों को प्रदान किए गए दायित्वों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.