दिल्ली में सभी को मिलेगा Health e Card, जानिए क्या और कैसे करता है काम

हेल्थ ई कार्ड से डॉक्टरों को होगी सहुलियत
हेल्थ ई कार्ड से डॉक्टरों को होगी सहुलियत

दिल्ली के सभी नागरिकों को हेल्थ ई कार्ड (Health e Card) दिया जाएगा. ताकि भविष्य में दिल्लीवासियों का इलाज करने में डॉक्टरों को सहूलियत हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 12:21 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने राजधानी दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्चुअली लिंक करने की योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार की योजना सभी दिल्लीवासियों का हेल्थ डेटा एक क्लाउड पर स्टोर करने की है, ताकि भविष्य में दिल्लीवासियों का इलाज करने में स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों को सहूलियत हो. उन्होंने दावा किया कि यह सुविधा एक साल के अंदर शुरू हो जाएगी और दिल्ली के सभी नागरिकों को हेल्थ ई कार्ड (Health e Card) दिया जाएगा.

जानिए क्या है Health e Card
पीएम मोदी के डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत इस हेल्थ कार्ड वन नेशन वन हेल्थ कार्ड योजना (One Nation one health card scheme) की घोषणा की गई थी. सरकार ने कहा था कि देश के सभी नागरिक को एक हेल्थ कार्ड बनवाना होगा. इससे होने वाले ट्रिटमेंट और टेस्ट की पूरी जानकारी इस कार्ड में डिजिटली सेव होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि देश में किसी भी हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास जब इलाज कराने जाएंगे तो साथ में आपको सारे पर्चे और टेस्ट रिपोर्ट नहीं ले जाना पड़ेगा. डॉक्टर कहीं से भी बैठकर आपकी यूनिक आईडी के जरिए सारा मेडिकल रिकॉर्ड देख सकेगा.

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इस तरह करेगा हेल्थ कार्ड काम


व्यक्ति का मेडिकल डेटा रखने के लिए अस्पताल, क्लिनिक, डॉक्टर एक सेंट्रल सर्वर से लिंक रहेंगे. अस्पताल और नागरिकों के लिए अभी ये उनकी मर्जी पर निर्भर करेगा कि वो इस मिशन से जुड़ना चाहते है या नहीं. हर नागरिक का एक सिंगल यूनिक आइडी (Unique ID) जारी होगा. उसी आधार पर लॉगिन होगा. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन में मुख्य तौर पर चार चीजों पर फोकस किया गया है. Health ID, व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड, देशभर के डिजी डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं का रजिस्ट्रेशन.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस फैसिलिटी के तहत दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ने की योजना है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस के मामले खत्म नहीं होते हैं. जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा, फिर से केस बढ़ जाएंगे. अगर मुझे लगता है कि हमारे पास बेड्स नहीं बचे हैं तो फिर हम लॉकडाउन लागू करेंगे. इस दौरान सरकार वेंटिलेटर्स, बेड्स आदि की जरूरतों को पूरा कर लेगी. अगर हमने फिर से लॉकडाउन कर दिया तो लोगों की जिंदगियां बर्बाद हो जाएंगी. अभी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक-ठाक है. ऐसे में अभी दिल्ली में लॉकडाउन की जरूरत नहीं है.
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