'WhatsApp प्राइवेसी पॉलिसी 2021 को स्वीकार करना अनिवार्य नहीं', कंपनी के हलफनामे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा जवाब


वॉट्सऐप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी 2021 को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को कंपनी की तरफ से हलफनामा दाख‍िल क‍िया है.

वॉट्सऐप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी 2021 को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को कंपनी की तरफ से हलफनामा दाख‍िल क‍िया है.

Delhi News: व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दाख‍िल हलफनामे पर सोमवार को द‍िल्‍ली हाईकोर्ट ने कंपनी से जवाब तलब क‍िया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब तीन जून को होगी.

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वॉट्सऐप (WhatsApp) के हलफनामे पर द‍िल्‍ली हाईकोर्ट ने जवाब तलब क‍िया है. कोर्ट अब इस मामले में 3 जून को इस मामले की अगली सुनवाई करेगा. दिल्ली हाईकोर्ट में वॉट्सऐप ने दाख‍िल अपने हलफनामे में कहा था क‍ि मैसेजिंग ऐप को इस्तेमाल करना है यूज़र्स की इच्छा पर है और वह जब चाहें इसे बंद या डिलीट कर सकता है. कंपनी ने कहा था क‍ि वॉट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी 2021 को स्वीकार करना अनिवार्य नहीं है और न ही किसी यूजर्स पर पॉलिसी अपनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है.

कोर्ट में वॉट्सऐप द्वारा दी गई याचिका में कहा था कि इंडस्ट्री के अधिकतर ऐप लगभग इस पॉलिसी का पालन करती हैं. प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दाखिल की याचिका पर वॉट्सऐप ने कहा है कि तमाम इंटरनेट आधारित ऐप की वही पॉलिसी है जो हमारी है. बिग बास्केट, कू, ओला ट्रूकॉलर, जोमैटो और आरोग्य सेतु ऐप भी यूजर्स का डेटा लेते हैं.

वॉट्सऐप ने कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा कि कई इंटरनेट बेस्ड ऐप और वेबसाइट भी उन्हीं की तरह डेटा को इकट्ठा करती हैं और वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी 2021 उन्हीं के समान हैं. वॉट्सऐप ने अपने एफिडेविट में ये भी बताया है कि अगर उसे अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू करने की मंजूरी नहीं है तो इससे देश में टेक कंपनियों का संचालन बाधित होगा, क्योंकि बहुत से किराना स्टोर सामान डिलीवरी आदि में वॉट्सऐप का उपयोग कर रहे हैं.

वॉट्सऐप ने अपने FAQ पेज पर जानकारी दी है कि अगर कोई नई प्राइवेसी पॉलिसी को नहीं स्वीकार करता है तो उस यूजर का अकाउंट डिलीट नहीं किया जाएगा. इसके बाद वह वॉट्सऐप के सीमित फीचर्स का उपयोग कर पाएंगे. वॉट्सऐप कुछ सप्ताह बाद अपने जरूरी फीचर्स को इस्तेमाल करने से रोक देगा.

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