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    Air Pollution Update: नवंबर में वायु प्रदूषण से नहीं मिलेगी राहत, विशेषज्ञ ने बताई यह बड़ी वजह

    दिल्‍ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार है?
    दिल्‍ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार है?

    गौरतलब रहे कि जानकारों के अनुसार एक्यूआई (AQI) 400 वो आंकड़ा है जब आंखों में जलन होने लगती है. यह स्थिति दिल और फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 6, 2020, 4:30 PM IST
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    नई दिल्ली. सीवियर कंडीशन कहें या सीवियर स्टेज किसी भी खतरनाक से खतरनाक हालात को बयां करने के लिए इसके बाद कोई शब्द नहीं है. वायु प्रदूषण के मामले में यह शब्द एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़े 500 पर आकर खत्म हो जाता है. मौसम का हाल बताने वाली सफर ऐप के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली का एक्यूआई 500 को पार कर चुका था. बीते कुछ दिन से लगातार कई इलाके 400 और 450 के पार जा रहे हैं. इस हाल को देखते हुए मौसम विज्ञानियों (Whether scientists) का कहना है कि नंवबर तक वायु प्रदूषण (Air Pollution) से छुटकारा मिलना मुमकिन नहीं दिख रहा है.

    यह बोले नेशनल वेदर फोरकॉस्ट के हेड R k jenamani
    नेशनल वेदर फोरकॉस्ट के हेड आरके जैनामनी का कहना है, 'प्रदूषण अभी इसी तरह का रहेगा. कभी बेहद ख़राब तो कभी ख़तरनाक, क्योंकि नंवबर का वातावरण ही ऐसा होता है. हवा कम रहती है. ठंड पड़नी शुरू हो जाती है. ऐसे में अभी राहत की उम्मीद नहीं है. घर से जब भी निकलें तो एयर क्वालिटी देख कर ही निकलें.'

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    गौरतलब है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. गुरुवार को दिल्ली के सभी मॉनिटरिंग स्टेशन 400 के पार थे. पिछले कुछ दिनों से दिल्‍ली समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया है.


    सीपीसीबी के अनुसार, गुरुवार शाम 4 बजे गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता का स्तर 464 दर्ज किया गया, जबकि यह दिल्‍ली में 500 के पार पहुंच गया है. इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 457, नोएडा में 450, गुड़गांव में 443 और फरीदाबाद में 416 दर्ज किया गया. जबकि बुधवार को यह स्तर गाजियाबाद में 389, ग्रेटर नोएडा में 368, नोएडा में 345, फरीदाबाद में 331 और गुड़गांव में 290 दर्ज किया गया था.

    ऐप के अनुसार, दिल्ली के पड़ोसी इन पांच शहरों में मुख्य प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 है. जबकि सीपीसीबी का कहना है कि वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ रहने से स्वस्थ लोग भी प्रभावित होते हैं जबकि जो लोग पहले से ही बीमार हैं, उन पर बेहद गंभीर असर पड़ता है.
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