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Delhi के अस्पतालों पर क्यों लग रहे हैं गंभीर आरोप, CM केजरीवाल भी बोले यह बात

2,70,416 स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठानों में से केवल 1,10,356 प्रतिष्ठानों को ही वर्ष 2019 तक की अनुमति मिली. (सांकेतिक तस्वीर)

2,70,416 स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठानों में से केवल 1,10,356 प्रतिष्ठानों को ही वर्ष 2019 तक की अनुमति मिली. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली के अस्पतालों पर COVID-19 पॉजिटिव मरीजों को बेड और वेंटिलेटर (Ventilator) ना देने के आरोप लगे हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) भी बेड की कालाबाज़ारी किए जाने के आरोप लगा चुके हैं.

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    नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने शुरुआत से ही यह दावा किया है कि पूरी ईमानदारी के साथ कोरोना वायरस (Covid 19) के टेस्ट किए जा रहे हैं. पॉजिटव मरीजों का ठीक से इलाज किया जा रहा है. वेंटिलेटर और बेड की कोई कमी नहीं होने दी जा रही है. लेकिन बीते एक हफ्ते की दो घटनाओं में दिल्ली के अस्पतालों (Hospital) पर गंभीर आरोप लगे हैं. कोविड पॉजिटिव मरीजों को बेड और वेंटिलेटर (Ventilator) ना देने के बड़े आरोप लगे हैं. खुद सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) भी बेड की कालाबाज़ारी किए जाने के आरोप लगा चुके हैं.

    वेंटिलेटर ना मिलने से पूर्व सांसद की भतीजी की मौत

    पूर्व सांसद और पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरी भतीजी की मौत हो गई है. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 7 जून की रात उसने दम तोड़ दिया. एक ट्वीट कर शाहिद ने यह जानकारी दी है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पतालों की हालत बहुत खराब है. लोग मर रहे हैं. मेरी भतीजी की हालत बेहद खराब थी, बावजूद इसके उसे न तो आईसीयू में रखा गया और ना ही वेंटिलेटर पर. भतीजी को तेज बुखार था और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. उसे लेकर हम दिल्ली के कई अस्पतालों में गए, लेकिन कहीं भी उसे एडमिट नहीं किया गया.



    LNJP अस्पताल में मरीज को बेड न देने का आरोप

    4 दिन पहले अमरप्रीत नाम की महिला ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को एक ट्वीट किया था. अमरप्रीत का आरोप था कि उसके पिता लखजीत कोविड पॉजिटिव थे. बावजूद इसके LNJP अस्पताल ने उन्हें भर्ती नहीं किया. अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया. उन्हें जैसे ही तेज बुखार हुआ तो वह गुरुवार की सुबह पिता को लेकर एलएनजेपी पहुंची, जहां बाहर ही उन्हें इंतजार कराया गया. इस बीच उनके पिता की देखरेख के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया. आरोप है कि इस लापरवाही के कारण उनके पिता की मौत हो गई है. अमरप्रीत ने अपनी यह आपबीती सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी.


    वहीं, इस बारे में एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि मरीज को अस्पताल में एडमिट करने से मना नहीं किया गया था. अस्पताल लाते ही डॉक्टर्स ने उनकी जांच की थी. मरीज को सुबह 7.10- 7.30 बजे के बीच अस्पताल लाया गया था. अस्पताल के ऑटो जेनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक कैजुअल्टी रिकॉर्ड में सुबह 7.37 बजे मरीज को 'Brought Dead' घोषित किया गया है.

    केजरीवाल का आरोप- बेड की कालाबाजारी कर रहे कुछ अस्पताल

    कुछ दिन पहले ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली के कुछ अस्पताल बेड की कालाबाजारी कर रहे हैं. केजरीवाल ने कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने से मना करने वाले और बेड की कालाबाजारी में लिप्त अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. इन्हीं सब कारणों से सीएम ने अस्पतालों में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर की तैनाती के आदेश दिए हैं. मरीज भर्ती होने लायक है या नहीं, यह तय करने की जिम्मेदारी नर्सिंग ऑफिसर को दी गई है.

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