यूपी में कोरोना से लड़ रही सरकार तो सीएम योगी को SOS मैसेज क्यों भेज रहे भाजपा नेता

राजे खेमे के बीजेपी के पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत और प्रहलाद गुंजल का कहना है कि गहलोत सरकार ने गांव और गरीब को उनके हाल पर छोड़ दिया है.

राजे खेमे के बीजेपी के पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत और प्रहलाद गुंजल का कहना है कि गहलोत सरकार ने गांव और गरीब को उनके हाल पर छोड़ दिया है.

UP Corona News: यूपी में कोरोना नियंत्रण को लेकर एक तरफ जहां योगी सरकार की तारीफ हो रही है, वहीं प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी के सांसद, विधायक और यहां तक कि केंद्रीय मंत्री भी लगातार प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं.

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में एक तरफ राज्य सरकार जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट का दावा कर रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के महामारी के खिलाफ अभियान को सराहा है, वहीं प्रदेश के भाजपा नेता लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में गिरावट को लेकर सवाल उठा रहे हैं. प्रदेश के कई बीजेपी सांसदों, विधायकों ने पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री को संदेश या चिट्ठी भेजकर बिगड़ते हालात के बारे में जानकारी दी है. इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री से लेकर प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य भी शामिल हैं.

कोरोना की रोकथाम के लिए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ रखा है. घर-घर जाकर कोरोना के सक्रिय मरीजों की खोज के इस अभियान की तारीफ हो रही है. वहीं सीएम योगी ने सोमवार को इसको लेकर दावा भी किया कि पिछले 10 दिनों में महामारी के सक्रिय मामलों में 85000 से अधिक की कमी आई है. लेकिन इन्हीं 10 दिनों के बीच राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े कई सांसदों और विधायकों ने प्रदेश सरकार को SOS मैसेज यानी आपातकाल में भेजे जाने वाले संदेश दिए हैं. केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इसी महीने 6 मई को सीएम योगी को पत्र लिखकर बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र बरेली में कोरोना से बिगड़ रहे हालात पर सरकार ध्यान दे.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, मोहनलालगंज के विधायक कौशल किशोर, बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी, भदोही विधायक दीनानाथ भास्कर और कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने बीते कुछ दिनों में सीएम योगी को पत्र लिखा है. इन पत्रों में भाजपा के सभी नेताओं ने कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही, अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाओं की कमी, स्वास्थ्य विभाग के बिगड़े सिस्टम और अपनी बेबसी बयां की है. इन नेताओं में बीजेपी विधायक कौशल किशोर, जिनके भाई की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई, का पत्र काफी चर्चा में भी रहा था.

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विधायक ने सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

बीते दिनों फिरोजाबाद के जसराना से विधायक पप्पू लोधी ने तो सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बेबसी बयां की थी. इस वीडियो में बीजेपी विधायक ने कोरोना संक्रमित पत्नी के इलाज में लापरवाही, उन्हें 3 घंटे तक जमीन पर लिटाए रखने और प्रशासन की मदद न मिलने का आरोप लगाया था. बाद में जिले के डीएम ने किसी तरह उनकी पत्नी के लिए आगरा के मेडिकल कॉलेज में बेड का इंतजाम किया, तब जाकर सही इलाज शुरू हो सका. यूपी में कोरोना की रोकथाम के सरकारी दावों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के उठाए इन सवालों से प्रदेश में हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है.

एक साल में 13 विधायकों की मौत



आपको बता दें कि पिछले एक महीने के भीतर कोरोना संक्रमण की वजह से बीजेपी के 4 विधायकों का निधन हो चुका है. प्रदेश की अन्य पार्टियों के भी कई नेताओं की भी बीमारी की वजह से जान चली गई है. 23 अप्रैल को लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश श्रीवास्तव, औरैया के रमेश चंद्र दिवाकर, 28 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार और 7 मई को रायबरेली के सलोन से बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी का कोरोना से निधन हो गया. यूपी में पिछले एक साल के दौरान 13 विधायकों की इस महामारी की वजह से मौत हो चुकी है, जिनमें प्रदेश के पूर्व मंत्री चेतन चौहान और कमला रानी वरुण का नाम शामिल है.

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