आखिर खान चाचा रेस्‍टोरेंट में क्‍यों रखे थे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर? आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताई ये वजह

‘खान चाचा’ रेस्‍टोरेंट से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जब्ती के मामले की साकेत कोर्ट में सुनवाई

‘खान चाचा’ रेस्‍टोरेंट से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जब्ती के मामले की साकेत कोर्ट में सुनवाई

Delhi News: साकेत कोर्ट ने मंगलवार को नवनीत कालरा की जमानत याच‍िका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि महामारी के समय बिजनेस करना क्या कोई अपराध है? बाहर से सामान मंगाकर गलत कैसे है.

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दिल्ली की साकेत कोर्ट ‘खान चाचा’ रेस्‍टोरेंट से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जब्ती के मामले में मैट्रिक्स सेल्युलर के सीईओ गौरव खन्ना की जमानत याचिका पर 2.30 बजे फैसला सुनाएगा. कोर्ट ने जमानत याच‍िका पर सुनवाई करते हुए कुछ सवाल उठाते हुए पूछा कि ये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक रेस्टोरेंट में क्यों रखे गए थे? आरोपी की तरफ से कहा गया कि खान चाचा रेस्टोरेंट एक सुविधाजनक लोकेशन पर था इसलिए वहां इसे रखा गया था.

वहीं मंगलवार को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने नवनीत कालरा की जमानत याच‍िका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि महामारी के समय बिजनेस करना क्या कोई अपराध है? बाहर से सामान मंगाकर गलत कैसे है. कोर्ट में आरोपी व्यवसाई नवनीत कालरा के सहयोगियों की याचिका पर सुनवाई चल रही थी. साकेत कोर्ट ने नवनीत कालरा के खिलाफ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, जमाखोरी मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष को फटकार लगाई. कहा कि सरकार ने गवाह के बयान के बारे में गलत टिप्पणी की है, जो केस डायरी में मौजूद नहीं है.

सरकारी वकील ने मंगलवार को साकेत कोर्ट को नवनीत कालरा मामले में कहा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर होर्डिंग मामले में सरकार को धोखा दिया. क्योंकि वह आयात पर एमआरपी पर खुलासा करने में नाकाम रहे. जो पिछले साल जारी आदेश का उल्लंघन है. इस मामले पर कोई ने कई बारीक बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए तर्क दिए. सरकार के प्रति नाराजगी दिखाते हुए हुए कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन में बिजनेस करना क्या कोइ अपराध है. मैं ये जानना चाहता हूं कि यदि कोइ बिजनेसमैन बहर से सामान मांगकर बेच रहा है तो ये गलत कैसे है. सरकार अगर खुद ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के रेट तय करने के लिए कोई नियम नहीं बना रही तो बिजनेसमैन को कैसे टारगेट किया जा सकता है.

कोई ने कहा कि बिजनेसमैन महामारी में कमाने के लिए कुछ कर रहा है तो वह अपराध के श्रेणी में कैसे आ सकता है. ऐसे मामलों में पुलिस किसी को पकडक़र क्या साबित करना चाहती है. कोर्ट ने कहा कि राज्य को अपने लोगों के प्रति निष्पक्ष होना जरूरी है. चाहे वो बिजनेसमैन ही क्यों न हो. शराब भी महामारी में बेची जा रही है, क्योंकि उससे आर्थिक फायदा होता है. जांच अधिकारी ने माना कि शिकायत कर्ता का बयान केस डायरी में नहीं है. इस पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस और सरकारी वकील से कहा कि मैने केस डायरी मंगवाई है. कोर्ट ने सुनवाइ के दौरान कहा कि ऐसा कोई नियम ही नहीं है जो यह तय कर सके कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का रेट क्या होगा?

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